प्रदेश में बड़े निवेश के दावों के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुच एआई नाम की कंपनी के साथ किया गया 25,000 करोड़ रुपये का समझौता (एमओयू) महज चार दिनों में रद कर दिया।

UP News : उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश के दावों के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुच एआई नाम की कंपनी के साथ किया गया 25,000 करोड़ रुपये का समझौता (एमओयू) महज चार दिनों में रद कर दिया। यह फैसला तब लिया गया जब जांच में कंपनी की वित्तीय स्थिति और दस्तावेज संदिग्ध पाए गए।
इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एमओयू की समीक्षा की गई। कंपनी को नोटिस भेजकर बिजनेस प्लान, डीपीआर और वित्तीय स्थिति की जानकारी मांगी गई, लेकिन तय समय में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद समझौता रद करने का निर्णय लिया गया।
जांच में यह सामने आया कि कंपनी ने जरूरी दस्तावेज समय पर जमा नहीं किए थे। इतनी बड़ी निवेश परियोजना के लिए कंपनी की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं पाई गई। साथ ही फंडिंग के स्रोत भी स्पष्ट और भरोसेमंद नहीं थे, जिससे सरकार की चिंता और बढ़ गई।
23 मार्च 2026 को हुआ यह एमओयू शुुरुआती स्तर पर ही सवालों में घिर गया था। गहन जांच के बाद सरकार ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज चार दिनों के भीतर इस बड़े निवेश प्रस्ताव को रद कर दिया।
इस मामले को लेकर अखिलेश यादव ने पहले ही सरकार पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने 25,000 करोड़ के निवेश दावे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। अब एमओयू रद होने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य में निवेश लाने की प्रक्रिया और कंपनियों की जांच प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, सरकार की त्वरित कार्रवाई यह भी दिखाती है कि संदिग्ध निवेश प्रस्तावों पर सख्ती बरती जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके।
पुच एआई के साथ एमओयू रद होना यह साफ संकेत देता है कि बड़े निवेश के दावों के बीच पारदर्शिता और विश्वसनीयता सबसे जरूरी है। यूपी सरकार ने इस मामले में तेजी से फैसला लेकर संभावित जोखिम को टाल दिया। UP News