उत्तर प्रदेश में 400 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा
भारत
चेतना मंच
04 Nov 2025 01:38 PM
उत्तर प्रदेश में राज्य कर विभाग ने 341 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में सोमवार को 22 और फर्जी फर्मों का खुलासा हुआ, जिससे टैक्स चोरी की कुल राशि 400 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। जांच में पता चला कि 122 फर्जी फर्मों का पंजीकरण केवल दो मोबाइल नंबरों पर हुआ था। इस मामले में प्रमुख मास्टरमाइंड अंकित कुमार और सौरभ मिश्रा की भूमिका उजागर हो रही है। UP News
उत्तर प्रदेश में राज्य कर विभाग ने सोमवार को 22 और फर्जी फर्मों का खुलासा किया, जिनसे 149 करोड़ रुपये के कारोबार के जरिए 61 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई थी। जांच में ये फर्में दिल्ली, बिहार, झारखंड, असम और पश्चिम बंगाल से जुड़ी पाई गईं। इस प्रकार, फर्जी फर्मों की संख्या बढ़कर 144 हो गई है और इन फर्मों के जरिए टैक्स चोरी का आंकड़ा 400 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। अधिकारी इस मामले की जांच में जुटे हुए हैं और आगामी जांच में टैक्स चोरी का दायरा और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सभी फर्में सीजीएसटी के नियमों का लाभ उठा रही थीं
बता दे कि इस जालसाजी में आरोपी सीजीएसटी के सरल पंजीकरण नियमों का गलत फायदा उठा रहे थे। फर्जी दस्तावेज़ों और ई-वे बिलों के जरिए आरोपियों ने करोड़ों रुपये का घोटाला किया। राज्य कर विभाग ने इस मामले की गहन जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों को भी तैनात किया है। जांच के प्रगति पर प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रदेश के प्रमुख सचिव स्तर से ली जा रही है।
उत्तर प्रदेश में राज्य कर विभाग ने लखनऊ-मुरादाबाद हाईवे पर 24 और 25 अक्टूबर को दो ट्रकों को पकड़ा था, जिनमें लोहे का सामान लोड था। यह माल लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी अंकित कुमार का था, जिसे मुजफ्फरनगर भेजा जा रहा था। जांच में पता चला कि अंकित कुमार और उसके सहयोगी सौरभ मिश्रा ने दो मोबाइल नंबरों पर 122 फर्जी फर्मों का पंजीकरण कराया था।
साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस से सहयोग
सर्विलांस और साइबर विशेषज्ञों के सहयोग से पुलिस आरोपी अंकित कुमार और सौरभ मिश्रा के ईमेल अकाउंट, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्य इकट्ठा कर रही है। एसआईटी के प्रमुख, एसपी क्राइम सुरेश चंद्र गंगवार ने बताया कि पुलिस मामले की गहरी जांच कर रही है और आरोपियों के पैरोकारों की भी छानबीन की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में राज्य कर विभाग ने जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों को सभी जरूरी साक्ष्य सौंपे हैं, ताकि इस टैक्स चोरी मामले की गहराई से जांच की जा सके। पुलिस के लिए जल्द कार्रवाई करना एक बड़ी चुनौती बन चुकी है, क्योंकि आरोपी ने अपने असली पते को भी फर्जी बताया है।