प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत और सुरक्षा की नई उम्मीद सामने आई है। बरेली जंक्शन सहित उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल के 50 प्रमुख स्टेशनों को अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत और सुरक्षा की नई उम्मीद सामने आई है। बरेली जंक्शन सहित उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल के 50 प्रमुख स्टेशनों को अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सीसीटीवी नेटवर्क और ड्रोन निगरानी जैसी सुविधाएं लागू की जाएंगी, जिससे रेल यात्रा पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और सुगम बन सकेगी।
रेलवे प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 970 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर और रोजा समेत 15 स्टेशनों को चुना गया है। अधिकारियों के मुताबिक इसी वित्तीय वर्ष में इन स्टेशनों पर काम शुरू हो जाएगा।
अब तक रेलवे ट्रैक और ट्रेनों की जांच बड़े पैमाने पर मैनुअल तरीके से की जाती रही है, जिसमें मानवीय त्रुटि की संभावना बनी रहती है। नई व्यवस्था में अक आधारित इंटरलॉकिंग और सिग्नलिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, जो ट्रेनों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे।
ट्रेन जैसे ही किसी स्टेशन के यार्ड में प्रवेश करेगी, सिस्टम अपने आप उसकी तकनीकी जांच कर लेगा। इसी तरह स्टेशन से निकलते समय भी पूरी ट्रेन की स्कैनिंग होगी। इससे छोटी-सी चूक भी तुरंत पकड़ में आ जाएगी और संभावित हादसों को रोका जा सकेगा।
स्टेशनों, यार्ड और रेलवे क्रॉसिंग पर हाई-रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे एआई से जुड़े होंगे, जो किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत अलर्ट जारी करेंगे। साथ ही, पटरियों के ज्वाइंट और सिग्नलिंग सिस्टम को भी सेंसर से जोड़ा जाएगा, जिससे ट्रेनों की गति तेज होने पर भी सटीक निगरानी संभव हो सकेगी। इससे ट्रेन संचालन में देरी कम होगी और आउटर पर अनावश्यक रुकावट भी घटेगी।
रेलवे सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए ड्रोन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। ये ड्रोन स्टेशनों और पटरियों के ऊपर उड़कर निगरानी करेंगे। बताया जा रहा है कि ये ड्रोन करीब 500 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं और लगभग 5 किलोमीटर तक के क्षेत्र को कवर कर सकते हैं। इनके कैमरे 90 डिग्री तक घूमकर हर एंगल से नजर रख सकते हैं।
* ट्रेनों की सुरक्षा में बड़ा सुधार
* हादसों की संभावना में कमी
* ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार
* स्टेशन और ट्रैक की 24*7 निगरानी
* आधुनिक और स्मार्ट रेलवे अनुभव।
रेलवे प्रशासन इस पूरे प्रोजेक्ट को आगामी बड़े आयोजनों, खासकर हरिद्वार कुंभ को ध्यान में रखते हुए तेजी से पूरा करने की योजना बना रहा है। भारी भीड़ के दौरान सुरक्षा और संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। रेलवे का यह तकनीकी बदलाव केवल एक अपग्रेड नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा की दिशा में बड़ा कदम है। एआई, सेंसर और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से भारतीय रेलवे अब स्मार्ट और अधिक भरोसेमंद बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।