गोण्डा की सात वर्षीय धाविका अनामिका मिश्रा ने गांधी जयंती पर तिरंगा लेकर करीब 30 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर सभी का ध्यान खींचा। सदाशिव बाजार से दौड़ शुरू करने वाली अनामिका जिला मुख्यालय स्थित गांधी पार्क पहुंची।

UP News : उम्र महज सात साल, हाथ में तिरंगा और आंखों में देश के लिए कुछ कर गुजरने का सपना। गांधी जयंती के अवसर पर गोण्डा की नन्हीं धाविका अनामिका मिश्रा ने ऐसा हौसला दिखाया कि हर कोई उसकी तारीफ करने लगा। कक्षा दो में पढ़ने वाली अनामिका ने तिरंगा हाथ में लेकर करीब 30 किलोमीटर की दौड़ पूरी की और जिला मुख्यालय स्थित गांधी पार्क पहुंची। रास्तेभर लोगों ने नन्हीं धाविका का उत्साह बढ़ाया। गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार सुबह अनामिका तिरंगा लेकर सदाशिव बाजार से दौड़ के लिए निकली। छोटी सी उम्र में इतनी लंबी दूरी तय करने के दौरान उसके कदमों में गजब का उत्साह दिखाई दिया। करीब 30 किलोमीटर की दूरी पूरी करने के बाद अनामिका गांधी पार्क पहुंची। वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उसका उत्साह बढ़ाया। जिला मुख्यालय पहुंचने पर डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला ने अनामिका को माला पहनाकर उसका हौसला बढ़ाया। नन्हीं धाविका के प्रयास की लोगों ने जमकर सराहना की। अनामिका के पिता और भीखमपुरवा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष उनकी बेटी ने 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी की थी। इस बार उसकी तैयारी और क्षमता को देखते हुए लक्ष्य बढ़ाकर 30 किलोमीटर किया गया।महज सात वर्ष की उम्र में 30 किलोमीटर की दौड़ पूरी करना अनामिका के नियमित अभ्यास और मेहनत को दिखाता है। परिवार के मुताबिक वह रोज सुबह दौड़ का अभ्यास करती है और इसके साथ अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान देती है।
अनामिका के पिता मनोज मिश्रा का सपना है कि उनकी बेटी भविष्य में ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करे। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए परिवार पिछले करीब तीन वर्षों से उसकी दिनचर्या और अभ्यास पर विशेष ध्यान दे रहा है। अनामिका कक्षा दो में पढ़ती है। पिता के मुताबिक खेल के साथ उसकी पढ़ाई भी जारी है। परिवार का उद्देश्य उसे मजबूत बनाना और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर माहौल देना है। अनामिका की 30 किलोमीटर की दौड़ सिर्फ एक खेल उपलब्धि तक सीमित नहीं रही। गांधी जयंती के मौके पर तिरंगा लेकर दौड़ती सात वर्षीय बच्ची ने मेहनत, अनुशासन, देशभक्ति और आत्मविश्वास का संदेश दिया। UP News :
अनामिका के कदमों ने यह दिखाया कि बड़े सपनों के लिए उम्र हमेशा सबसे बड़ी बाधा नहीं होती। ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का उसका सपना अभी लंबा सफर तय करेगा, लेकिन सात साल की उम्र में 30 किलोमीटर की यह दौड़ उसके जुनून और तैयारी की झलक जरूर देती है। UP News :
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