उत्तर प्रदेश की मात्र 8 साल की बच्ची अंशिका बालियान ने सोशल मीडिया और समाज दोनों में तहलका मचा दिया है। मुजफ्फरनगर के गोयला गांव की इस नन्हीं प्रतिभा ने सर्वखाप पंचायत के स्टेज से ऐसा भाषण दिया कि बड़े-बड़े नेता भी दंग रह गए।

उत्तर प्रदेश में मात्र 8 साल की बच्ची अंशिका चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। मात्र 8 साल उम्र वाली अंशिका सोशल मीडिया पर बहुत तेजी के साथ वायरल हो रही है। उत्तर प्रदेश के एक खास कार्यक्रम में 8 साल की इस बच्ची ने कुछ ऐसा बोल दिया कि उत्तर प्रदेश की यह बच्ची अंशिका रातों-रात दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई है। उत्तर प्रदेश की 8 साल की इस बच्ची का पूरा नाम अंशिका बालियान है।
सोशल मीडिया पर 8 साल की बच्ची अंशिका बालियान का एक भाषण तेजी के साथ वायरल हो रहा है। यह भाषण अंशिका बालियान ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के सोरम गांव में आयोजित सर्वखाप पंचायत के स्टेज से दिया है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के गोयला गांव की रहने वाली अंशिका जाट समाज से आती है। उत्तर प्रदेश का गोयला गांव जाट समाज की बालियान खाप का प्रसिद्ध गांव है। सर्वखाप पंचायत के स्टेज से जब अंशिका ने भाषण दिया तो उस भाषण को सुनने वाले बड़े-बड़े नेता भी दंग रह गए। भाषण के समय ही लगने लगा था कि अंशिका का यह भाषण सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला है। हुआ भी वैसा ही अंशिका बालियान का भाषण उत्तर प्रदेश सहित पूरी दुनिया में सोशल मीडिया पर वायरल होकर चर्चा का विषय बन गया है।
उत्तर प्रदेश के सोरम गांव में आयोजित सर्वखाप पंचायत के स्टेज से बोलते हुए अंशिका बालियान ने कहा कि जो माताएं इंस्टाग्राम पर रील बनाने में व्यस्त रहती हैं बड़े होकर उन माताओं के बच्चे अपनी माताओं की रेल बनाएंगे। वंशिका ने कहा कि जो माता-पिता अपने बच्चों को समय ना देकर सारा समय सोशल मीडिया पर लगा रहे हैं उनके बच्चे एक दिन उनका सत्यानाश कर देंगे।
मात्र आठ साल की अंशिका बालियान कक्षा-3 की छात्रा है। उत्तर प्रदेश के सोरम गांव में आयोजित सर्वखाप पंचायत के स्टेज से अंशिका बालियान ने इतने बड़े-बड़े सामाजिक मुद्दे उठा दिए जिन्हें ग्रेजुएट तक भी नहीं उठा पाते हैं। स्टेज पर बोलते हुए अंशिका बालियान ने कहा कि जब माताएं पढ़ती-लिखती नहीं थीं, तब बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे थे। लेकिन अब शिक्षित होने के बावजूद बच्चे इंस्टाग्राम की रीलों में उलझे हुए हैं।
अंशिका ने बुजुर्गों को भी नसीहत दी और कहा कि जो बच्चे आपका भविष्य हैं, उनके सामने बीड़ी-सिगरेट और शराब पीना किस संस्कार की शुरुआत है? बच्चे वही सीखते हैं जो घर में देखते हैं। मोबाइल की लत पर प्रहार करते हुए उसने कहा, अगर मां सोशल मीडिया पर रील बनाएगी तो कल बच्चे आपकी रेल बना देंगे। आभासी दुनिया का नशा सबसे बड़ा नाश है। वहीं नशे के विरुद्ध बिगुल बजाते हुए अंशिका ने कहा कि अगर नशा करने के बाद मंदिर-मस्जिद में कदम नहीं रख सकते तो अपने मंदिर जैसे घर में कैसे चले जाते हो? नशा करना है तो देशभक्ति और भगत सिंह का करो।