केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बनारस में रेलवे स्टेशनों और रेलवे कारखाने का निरीक्षण कर बड़ा संकेत दिया है कि अब बनारस के रेलवे स्टेशनों पर रोजाना 400-500 ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। उन्होंने इसके लिए आवश्यक योजना और रणनीति की चर्चा की और अधिकारियों को आगे बढ़ने के निर्देश दिए।

बता दे कि मंत्री ने शुरुआत में वाराणसी के रेलवे स्टेशन कैंट, बनारस, काशी और बनारस रेल कारखाने का दौरा किया। उन्होंने यहाँ चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से वाराणसी में रेलवे की क्षमता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वाराणसी के विभिन्न स्टेशनों पर रोजाना लगभग 150 ट्रेनें आती हैं, लेकिन इस संख्या को बढ़ाकर 400-500 करने का लक्ष्य है ताकि ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर यात्रियों की सुविधा और शहर का विकास दोनों को बढ़ावा दिया जा सके।
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वाराणसी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को देखते हुए इसकी रेलवे नेटवर्क को मजबूत और आधुनिक बनाने की योजना है। इसके लिए बनारस रेलवे स्टेशन, कैंट और काशी स्टेशन का एक संयुक्त मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें लांग टर्म डेवलपमेंट की रणनीति शामिल होगी। उन्होंने ट्रैफिक मुक्ति के लिए अरनास कैंट रेलवे स्टेशन के विकास की भी बात कही, ताकि यातायात का दबाव कम किया जा सके।
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे के इंजन कारखाने का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने लोको फ्रेम, लोको असेम्बली और लोको टेस्ट शॉप का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से संवाद किया और लोको निर्माण की गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने महिला कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिए कि बरेका में काम की गुणवत्ता और नवाचार को और भी मजबूत किया जाए।
इसके अलावा, मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रोपवे परियोजना का भी जिक्र किया, जिसे रेलवे स्टेशन के साथ इंटीग्रेट करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और काशी स्टेशन का विस्तार और आधुनिकीकरण संभव हो सकेगा। इस निरीक्षण के दौरान रेल बोर्ड अध्यक्ष सतीश कुमार और बरेका महाप्रबंधक सोमेश कुमार भी मौजूद थे। आश्वासन दिया गया है कि इन सभी योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कर वाराणसी को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और यातायात सुविधा से भरपूर रेलवे नेटवर्क बनाया जाएगा, ताकि शहर की ऐतिहासिकता और सांस्कृतिक विरासत को और भी निखारा जा सके।