कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा? जिनको लेकर शंकराचार्य ने खोला मोर्चा

शंकराचार्य ने एक नई तस्वीर सार्वजनिक करते हुए दावा किया है कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी–प्रशासनिक गतिविधियों के पीछे एक सुनियोजित स्क्रिप्ट है, जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

फोटो विवाद के बीच शंकराचार्य का बड़ा दावा
फोटो विवाद के बीच शंकराचार्य का बड़ा दावा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar27 Feb 2026 11:58 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की सियासी–धार्मिक हलचल के बीच चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इस बार वजह किसी अपराधी पर कार्रवाई या एनकाउंटर नहीं, बल्कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप हैं। शंकराचार्य ने एक नई तस्वीर सार्वजनिक करते हुए दावा किया है कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी–प्रशासनिक गतिविधियों के पीछे एक सुनियोजित स्क्रिप्ट है, जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह पूरा विवाद उस घटनाक्रम से जुड़ता है, जिसमें आशुतोष ब्रह्मचारी पर नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप लगाते हुए कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज के झूंसी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसी मामले की पृष्ठभूमि में शंकराचार्य ने कहा कि जिस कार्यक्रम की फोटो सामने आई थी, उससे जुड़े नए फोटो/दृश्य अब भी सोशल मीडिया पर मौजूद बताए जा रहे हैं। (इन तस्वीरों की सत्यता और संदर्भ को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।)

शंकराचार्य ने क्यों मोर्चा खोला?

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप है कि उनके खिलाफ जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, वह तटस्थ जांच के बजाय एक पक्ष को लाभ पहुंचाने जैसी स्थिति बना रहे हैं। उन्होंने पहले एक फोटो दिखाकर कहा था कि उसमें आईपीएस अजय पाल शर्मा, आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ दिख रहे हैं। उस समय आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से इसे एआई/एडिटेड बताने जैसा दावा सामने आया था। अब शंकराचार्य ने उसी आयोजन/परिस्थिति से जुड़ी एक दूसरी तस्वीर दिखाते हुए कहा कि यह फोटो अभी भी संबंधित सोशल मीडिया प्रोफाइल पर दिख रही है। इसी आधार पर उन्होंने साजिश की आशंका जताई है।

कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा?

अजय पाल शर्मा को उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। पंजाब से ताल्लुक रखने वाले शर्मा ने यूपी में अपनी पहचान सख्त पुलिसिंग और अपराध पर तेज़ कार्रवाई के जरिए बनाई। नोएडा से लेकर रामपुर, जौनपुर, हाथरस और शामली तक अलग-अलग जिलों में अहम जिम्मेदारियों के दौरान उनका नाम अपराधियों के खिलाफ अभियान और मुठभेड़ों से जुड़ी चर्चाओं में अक्सर सामने आया। रिपोर्ट्स में उन्हें कई बार “एनकाउंटर स्पेशलिस्ट” जैसी छवि में भी पेश किया गया है, हालांकि मुठभेड़ों से जुड़े आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे मिलते हैं, जिनका मिलान आधिकारिक रिकॉर्ड से ही संभव है। बताया जाता है कि आईपीएस बनने से पहले वे डेंटल सर्जन (BDS) रहे हैं, और उनके परिवार में सिविल सेवा की मौजूदगी का जिक्र भी होता है। मौजूदा समय में प्रयागराज जैसे प्रशासनिक व धार्मिक रूप से संवेदनशील शहर में उनकी तैनाती को लेकर चर्चा है, जहां कानून-व्यवस्था और बड़े आयोजनों की सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियां बेहद अहम मानी जाती हैं।

पुराने विवाद भी आए थे सामने

अजय पाल शर्मा का नाम पहले भी कुछ विवादों में आया था। एक मामले में 2016 में शादी से जुड़े दावे के आधार पर 2020 में शिकायत/केस की बात सामने आई थी। बाद में जांच के बाद क्लीन चिट मिलने का दावा भी रिपोर्ट्स में रहा। शंकराचार्य के तीखे बयानों और प्रशासन पर सवाल उठाने की घटनाएं पहले भी चर्चा में रही हैं। मौनी अमावस्या से जुड़े विवाद के दौरान भी उन्होंने अफसरों पर आरोप लगाए थे। अब नए विवाद में अजय पाल शर्मा का नाम लेकर उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।

दूसरी तरफ से भी सवाल

इस पूरे मामले में एक बड़ा विरोधाभास भी सामने रखा जा रहा है। पहले फोटो विवाद के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी की तरफ से यह दावा किया गया था कि शामली में अजय पाल शर्मा ने ही उन्हें जेल भेजा था तो फिर वे करीबी कैसे हो सकते हैं? यही बिंदु इस विवाद को और उलझाता है, क्योंकि एक ओर संबंध के संकेत वाले दावे हैं, तो दूसरी ओर पुरानी कार्रवाई का हवाला भी दिया जा रहा है। UP News

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होली से यूपी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, तय समय पर मिलेगा वेतन

उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे प्रशासनिक प्राथमिकता घोषित करते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि भुगतान की प्रक्रिया समय से पूरी हो ताकि किसी कर्मचारी को त्योहार के मौके पर पैसे के लिए भटकना न पड़े और होली की खुशियों पर आर्थिक चिंता की परछाई न आए।

सीएम योगी
सीएम योगी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar27 Feb 2026 11:20 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में होली से पहले कर्मचारियों को बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को दो टूक निर्देश दिया है कि सरकारी कर्मचारियों का वेतन किसी भी कीमत पर होली से पहले जारी किया जाए, ताकि त्योहार के बीच किसी कर्मचारी को पैसों के लिए परेशान न होना पड़े। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को चेताया कि वेतन भुगतान में देरी या टालमटोल बर्दाश्त नहीं होगी और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने तय की समयसीमा

सीएम योगी का यह आदेश सिर्फ नियमित सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा है कि आउटसोर्सिंग स्टाफ, संविदाकर्मी और सफाईकर्मी समेत हर श्रेणी के कर्मियों का वेतन/मानदेय भी होली से पहले हर हाल में जारी किया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे प्रशासनिक प्राथमिकता घोषित करते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि भुगतान की प्रक्रिया समय से पूरी हो ताकि किसी कर्मचारी को त्योहार के मौके पर पैसे के लिए भटकना न पड़े और होली की खुशियों पर आर्थिक चिंता की परछाई न आए।

3 मार्च को मिलेगा अतिरिक्त अवकाश

प्रशासनिक व्यवस्था के तहत शनिवार, 28 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश में कार्यदिवस घोषित किया गया है। वहीं कर्मचारियों को मंगलवार, 3 मार्च 2026 का अतिरिक्त अवकाश दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विभागीय कामकाज का संतुलन बनाए रखते हुए कर्मचारियों को त्योहार के दौरान राहत देना बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में होली का अवकाश 2 मार्च, 3 मार्च और 4 मार्च 2026 को रहेगा। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि छुट्टियों से पहले वेतन/भुगतान जारी हो, ताकि कर्मचारी और उनके परिवार होली की तैयारियां बिना तनाव के कर सकें। UP News

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कृष्ण जन्मभूमि में लठामार होली आज, उमड़ेगा भक्तों का जनसैलाब

इसके बाद श्रद्धालुओं को पुष्प होली के दर्शन कराए जाएंगे फिर ब्रज के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार लठामार होली के साथ-साथ भावपूर्ण नृत्य-प्रस्तुति भी पेश करेंगे, जिससे जन्मभूमि परिसर में ब्रज का सांस्कृतिक रंग और गहरा हो जाएगा।

मथुरा की प्रसिद्ध लठामार होली
मथुरा की प्रसिद्ध लठामार होली
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar27 Feb 2026 09:48 AM
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UP News : ब्रज में होली का उत्साह अब अपने शिखर पर है और उत्तर प्रदेश के मथुरा में आज रंगभरनी एकादशी के अवसर पर भक्ति, परंपरा और लोक-संस्कृति का बेहद खास नजारा देखने को मिलेगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में जहां लठामार होली की रंगीन छटा और ब्रज-रसिया की गूंज माहौल को उल्लास से भर देगी, वहीं ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में कुंज की होली के विशेष दर्शन श्रद्धालुओं को आस्था के रंग में सराबोर कर देंगे। 

कृष्ण जन्मभूमि में शाम 4 बजे से लठामार होली

श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा संस्थान के मुताबिक, शुक्रवार (27 फरवरी) शाम 4 बजे कृष्ण जन्मभूमि पर लठामार होली का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में पहले ब्रज की पारंपरिक होली-रसिया गायन और नृत्य होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को पुष्प होली के दर्शन कराए जाएंगे फिर ब्रज के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार लठामार होली के साथ-साथ भावपूर्ण नृत्य-प्रस्तुति भी पेश करेंगे, जिससे जन्मभूमि परिसर में ब्रज का सांस्कृतिक रंग और गहरा हो जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, इस बार टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक रंगों को प्रमुखता दी गई है। श्रद्धालुओं पर रंग और गुलाल की वर्षा के लिए स्वचालित यंत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि आयोजन व्यवस्थित रहे और लोगों को पारंपरिक होली का आनंद एक साथ मिल सके। समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर की मर्यादा का विशेष ध्यान रखें। जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मर्यादा के विपरीत आचरण (जैसे जूते-चप्पल उछालना या अव्यवस्था फैलाना) करने वालों पर पुलिस-प्रशासन के सहयोग से सख्त कार्रवाई होगी। श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, प्रतिबंधित सामान, साथ ही बाहर से पानी की बोतल और रंग-गुलाल लेकर न आएं। यह निर्णय सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है।

द्वारकाधीश मंदिर में आज ‘कुंज एकादशी’ का विशेष आयोजन

उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित पुष्टिमार्ग संप्रदाय के प्रमुख मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में आज कुंज एकादशी के मौके पर विशेष आयोजन होगा। परंपरा के अनुसार राजाधिराज कुंज में विराजमान होकर भक्तों के संग होली खेलेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुबह 10 बजे से 11 बजे तक ठाकुर जी के कुंज-होली दर्शन का समय तय है। इस दौरान भक्तों पर टेसू के रंग की होली खेली जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे दर्शन कर इस अनूठी परंपरा का लाभ लें।

यमुना पूजन के बाद शुरू होगा रंग और राग का उत्सव

ब्रज की होली के बीच क्षेत्र के नजदीकी गांव मरहला मुक्खा में भी फाल्गुन शुक्ल एकादशी पर पारंपरिक होली महोत्सव आयोजित होगा। यहां नगाड़े (बम्ब), ढप, ढोल और मृदंग की तान पर हुरियारे-हुरियारिनें नृत्य करेंगे और सामूहिक गायन होगा। परंपरा के मुताबिक ग्रामीण तड़के यमुना मैया की पूजा-अर्चना के बाद एकादशी का पर्व मनाते हैं, फिर मेले में शामिल होते हैं। मेले में बरौठ, देदना, मकदमपुर, पालखेड़ा, सुहागपुर, सलाखा, पारसौली, बाजना, मानागढ़ी, तिलकागढ़ी, मुसमुना, भैरई, इनायतगढ़, दौलतपुर, छिनपारई सहित कई गांवों के लोग पहुंचते हैं। यहां लोग अबीर-गुलाल लगाकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हैं। आयोजन के मुताबिक यह महोत्सव 28 फरवरी से 1 मार्च सुबह 9 बजे तक चलेगा। आयोजन समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक जिकड़ी भजन प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कलाकार भाग लेंगे। प्रतियोगिता को सुनने और देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। UP News

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