
UP News : उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए जलाउद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के लखनऊ स्थित आलीशान निवास पर छापेमारी के बाद जो खुलासे सामने आए हैं, उन्होंने न केवल सुरक्षा एजेंसियों को चौंकाया है, बल्कि अवैध धर्मांतरण रैकेट के पीछे छिपे आर्थिक और सामाजिक खेल की परतें भी खोल दी हैं। उत्तर प्रदेश ATS के हाथों गिरफ्तार जलाउद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की लखनऊ स्थित कोठी की तलाशी के दौरान जो खुलासे सामने आए हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगते। जिस व्यक्ति को अब तक एक धार्मिक चेहरा मानकर देखा जा रहा था, उसके घर से विदेशी पावर बूस्टर दवाएं, स्पेनिश तेल, लग्जरी सामान और बेहद उन्नत निगरानी तंत्र मिला है।
बाबा की कोठी को जब अधिकारियों ने भीतर से देखा, तो वहां की साज-सज्जा किसी आलीशान विदेश निवासी की लग्जरी लाइफस्टाइल की झलक देती थी। हर कोने में महंगे सोफा सेट, आरामदायक बेड और विदेशों से मंगाए गए सजावटी सामान रखे थे। वहां मौजूद हर वस्तु इस बात की तस्दीक कर रही थी कि बाबा की दुनिया बाहर से जितनी 'आस्था' से लिपटी थी, अंदर से उतनी ही 'आरामपरस्ती' से भरी हुई थी।
छांगुर बाबा के शयनकक्ष में एक हाईटेक कंट्रोल रूम भी मिला, जिससे वह पूरे परिसर की निगरानी करता था। महलनुमा कोठी के हर हिस्से में गुप्त CCTV कैमरे लगे थे। यह एक ऐसा सुरक्षा तंत्र था जो आमतौर पर खुफिया एजेंसियों में ही देखने को मिलता है। छापेमारी के दौरान पुलिस को बाबा के निजी कक्ष से शक्तिवर्धक गोलियां, बॉडीबिल्डिंग में इस्तेमाल होने वाले विदेशी तेल और कुछ ऐसे उत्पाद मिले, जो आमतौर पर पेशेवर फिटनेस ट्रेनर्स इस्तेमाल करते हैं।
कुछ पैकेजिंग पर ‘दुबई’ और अन्य अरब देशों के नाम उर्दू में अंकित मिले, जिससे अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी आहट मिलती है। यहां तक कि कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट से लेकर फर्श की सफाई तक के लिए बाबा विदेशी प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करता था। ATS के मुताबिक, छांगुर बाबा अवैध धर्मांतरण रैकेट का मुख्य संचालक है। अब तक की जांच में सामने आया है कि उसने सैकड़ों लोगों को या तो लालच देकर या दबाव में आकर धर्म बदलवाया। इस नेटवर्क में लगभग 100 करोड़ रुपये का आर्थिक लेनदेन सामने आया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस पूरे ऑपरेशन के पीछे विदेशी फंडिंग तो नहीं छिपी हुई है। UP News