हाल ही में IAS के पद से इस्तीफा देने वाली उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने बड़ी बात कही है। दिव्या मित्तल ने कहा है कि वह रात के अंधेरे में किसी से भी नहीं मिलती है।

हाल ही में IAS के पद से इस्तीफा देने वाली उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने बड़ी बात कही है। दिव्या मित्तल ने कहा है कि वह रात के अंधेरे में किसी से भी नहीं मिलती है। दिव्या मित्तल ने यह बात उनके ऊपर लगाए गए रात के अंधेरे में किसी दूसरे नेता से मिलने के मामले में कही है।
IAS की नौकरी छोड़ने के बाद राजनीति में कदम रखने की घोषणा करने वाली दिव्या मित्तल ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर पहली बार बेहद स्पष्ट अंदाज में प्रतिक्रिया दी है। उनके इस्तीफे के बाद भाजपा नेता प्रशांत उमराव ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्होंने इस्तीफा देने से पहले रात के अंधेरे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी। हालांकि, दिव्या मित्तल ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे झूठा आरोप बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोपों का उद्देश्य एक ऐसी महिला को डराना है, जो अब सवाल पूछने के लिए राजनीति में आने की बात कह रही है।
दिव्या मित्तल ने कहा कि इस्तीफे के कुछ घंटे बाद ही सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित मुलाकात को लेकर बातें शुरू हो गई थीं। उनका कहना है कि आरोप लगाने वालों को भी पता था कि इसमें सच्चाई नहीं है, लेकिन मकसद सच सामने रखना नहीं बल्कि उन्हें डराना था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं और सवाल पूछती रहेंगी। दिव्या मित्तल के मुताबिक, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और एफआईआर जैसे हथकंडों के जरिए आम लोगों और अच्छे लोगों को राजनीति में आने से रोकने की कोशिश होती है।
दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर 2026 को जारी अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करेंगी, लेकिन फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति आम लोगों और वंचित लोगों की आवाज बनने के लिए होगी। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में बदलाव और नेक इरादे की राजनीति की जरूरत है। दिव्या मित्तल ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के झंडे के नीचे खड़े होकर राजनीति करने के बजाय आम लोगों के साथ राजनीति करना चाहती हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों को अपनी आवाज उठानी है, उन्हें डर के माहौल से बाहर निकलना होगा।
उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद 30 अगस्त 2026 को इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा 15 सितंबर से प्रभावी हुआ। इस्तीफे के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। दिव्या मित्तल देवरिया, मिर्जापुर और संतकबीरनगर सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं। मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए लहुरियादह गांव में पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचाने के काम को लेकर भी वह काफी चर्चा में रही थीं।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई थी। एक ओर भाजपा नेता प्रशांत उमराव ने राहुल गांधी से कथित मुलाकात का दावा किया, वहीं दिव्या मित्तल ने अब इन आरोपों को झूठा बताते हुए पलटवार किया है। अब दिव्या मित्तल ने यह साफ कर दिया है कि वह इन आरोपों और ट्रोलिंग से पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज बनना है और वह राजनीति में किसी डर के साथ नहीं बल्कि सवाल पूछने के इरादे से उतरेंगी।
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