ए सतीश गणेश कौन हैं? 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी ए सतीश गणेश का आईपीएस सफर, शिक्षा, पदोन्नति, पुलिस पदक और वर्तमान पोस्टिंग समेत पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

उत्तर प्रदेश में 20 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस फेरबदल में 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी ए. सतीश गणेश भी शामिल हैं, जिन्हें अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), यातायात एवं सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी पर बनाए रखा गया है, जबकि उनके पास मौजूद ADG अपराध का अतिरिक्त प्रभार हटा दिया गया है। यानी अब उनका पूरा फोकस प्रदेश में ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने पर रहेगा। करीब 30 साल के लंबे आईपीएस करियर में सतीश गणेश ने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं और ADG के पद तक पहुंचे हैं। लेकिन आखिर कौन हैं ए. सतीश गणेश, कैसा रहा उनका IPS सफर और किन पड़ावों से गुजरकर वह इस मुकाम तक पहुंचे?
ए. सतीश गणेश का जन्म 20 नवंबर 1969 को हुआ था। उनके पिता का नाम ए.जी. कृष्णा है। उन्होंने बी.ई. की पढ़ाई की और इसके बाद भारतीय पुलिस सेवा में जाने का रास्ता चुना। वर्ष 1996 में वह उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी बने। 6 सितंबर 1996 को उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में कदम रखा। उस समय शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। पुलिस सेवा में जिम्मेदारियां बढ़ीं और समय के साथ उन्होंने वरिष्ठ पदों पर अपनी जगह बनाई। 13 सितंबर 1998 को उनकी सेवा की पुष्टि हुई। इसके बाद 1 जनवरी 2000 को उन्हें सीनियर स्केल मिला। पुलिस विभाग में आगे बढ़ते हुए 5 फरवरी 2009 को उन्हें सेलेक्शन ग्रेड मिला।
सतीश गणेश के करियर में एक अहम पड़ाव 23 दिसंबर 2011 को आया, जब उन्हें डीआईजी के पद पर पदोन्नति मिली। इसके करीब ढाई साल बाद 6 अगस्त 2014 को वह आईजी के पद पर पहुंचे। इसके बाद 1 जनवरी 2021 को उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक यानी एडीजी के पद पर पदोन्नत किया गया। इस तरह 1996 में आईपीएस सेवा शुरू करने वाले सतीश गणेश ने करीब 25 साल के सफर में एडीजी का पद हासिल किया। इसके बाद भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के तौर पर उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती रहीं।
8 सितंबर 2025 से ए. सतीश गणेश उत्तर प्रदेश में अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा के पद पर तैनात हैं। उनकी पोस्टिंग लखनऊ में है। इस पद पर उनका वेतन स्तर पे लेवल 15 है। उनके पास अपर पुलिस महानिदेशक अपराध का अतिरिक्त प्रभार भी था। अब यह अतिरिक्त जिम्मेदारी हटा दी गई है। इसके बाद वह अपर पुलिस महानिदेशक यातायात एवं सड़क सुरक्षा के पद पर ही बने रहेंगे। यानी अब उनकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से प्रदेश की यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़ी रहेगी।
ए. सतीश गणेश को पुलिस सेवा के दौरान सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान वर्ष 2012 में मिला था। करीब तीन दशक के पुलिस करियर में उन्होंने डीआईजी, आईजी और एडीजी जैसे वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। 1996 में शुरू हुआ उनका आईपीएस सफर अब उत्तर प्रदेश में यातायात और सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी तक पहुंच चुका है।
ए. सतीश गणेश के आईपीएस करियर को देखें तो वर्ष 1996 से शुरू हुआ उनका सफर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरा है। शुरुआती सेवा से लेकर डीआईजी, आईजी और फिर एडीजी बनने तक उन्होंने पुलिस विभाग में अलग-अलग स्तर की जिम्मेदारियां संभालीं। अब उत्तर प्रदेश में नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत उन्हें यातायात एवं सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी पर बनाए रखा गया है। अपराध का अतिरिक्त प्रभार हटने के बाद उनकी भूमिका और जिम्मेदारी का केंद्र यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा रहेगा। इस तरह करीब 30 साल की पुलिस सेवा के बाद ए. सतीश गणेश का सफर एक बार फिर प्रदेश की यातायात व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहा है।
ए. सतीश गणेश 1996 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 6 सितंबर 1996 को आईपीएस सेवा शुरू की। 1998 में उनकी सेवा की पुष्टि हुई और वर्ष 2000 में उन्हें सीनियर स्केल मिला। वर्ष 2009 में सेलेक्शन ग्रेड, 2011 में डीआईजी, 2014 में आईजी और 2021 में एडीजी के पद पर पदोन्नति मिली। वर्ष 2012 में उन्हें पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस से सम्मानित किया गया। सितंबर 2025 से वह अपर पुलिस महानिदेशक यातायात एवं सड़क सुरक्षा के पद पर लखनऊ में तैनात हैं। अब उनके पास एडीजी अपराध का अतिरिक्त प्रभार नहीं है और वह यातायात एवं सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।
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