पुलिस ने जिले के पार्कों की सुरक्षा जांच की तो 34 पार्कों में सीसीटीवी कैमरे ही खराब निकले और कई जगह अंधेरा व सुरक्षा गार्ड तक नहीं मिले। महिलाओं और बालिकाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण देने के उद्देश्य से पुलिस ने यह विशेष अभियान चलाया।

पुलिस ने जिले के पार्कों की सुरक्षा जांच की तो 34 पार्कों में सीसीटीवी कैमरे ही खराब निकले और कई जगह अंधेरा व सुरक्षा गार्ड तक नहीं मिले। महिलाओं और बालिकाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण देने के उद्देश्य से पुलिस ने यह विशेष अभियान चलाया। 26 सितंबर को चलाए गए इस अभियान के तहत जिले के सभी 24 थानों की मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित पार्कों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। ऑडिट के दौरान सुरक्षा से जुड़े कई अहम बिंदुओं की जांच की गई, जिसमें सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, प्रवेश व निकास द्वार पर सुरक्षा, डार्क स्पॉट्स, प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल फोन कनेक्टिविटी और सुरक्षाकर्मियों की उपलब्धता शामिल रही।
कुछ स्थानों पर पर्याप्त रोशनी न होना, सुरक्षा गार्डों की कमी और कमजोर मोबाइल फोन कनेक्टिविटी जैसी खामियां भी चिन्हित की गईं। पुलिस प्रशासन ने इन कमियों के समाधान के लिए संबंधित विभागों व स्थानीय निकायों को सूचित कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और पत्राचार कर कैमरों को ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है।
एसीपी अपराध सुचेता सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था केवल एक दिन के अभियान तक सीमित नहीं रहेगी। पार्कों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमें नियमित भ्रमण और गश्त जारी रखेंगी। इसके साथ ही यूपी 112 वाहनों के रूट चार्ट की भी समीक्षा की गई है ताकि पार्कों, बाजारों और अन्य संवेदनशील स्थलों पर पुलिस की गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
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