
उत्तर प्रदेश में आगरा एक प्रसिद्घ शहर है। आगरा शहर में एक छोटी सी किराए की दुकान में अवैध धंधे का एक बड़ा अड्ड चलाया जा रहा था। उत्तर प्रदेश पुलिस की SIT की एक टीम ने किराए की इस दुकान पर छापा मारकर अवैध धंधे के अड्डे का पर्दाफाश किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की SIT के अपर पुलिस अधीक्षकASP राकेश कुमार ने बताया कि आगरा में किराये की एक दुकान में चार विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्रियां और मार्कशीट तैयार करने के मास्टरमाइंड धनेश मिश्रा को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने संबंधित विश्वविद्यालयों के एडमिशन कोड हासिल कर रखे थे। वह 2.40 लाख रुपये में एमबीए, 40 हजार रुपये में बीकॉम-बीएससी, 25 हजार रुपये में हाईस्कूल की मार्कशीट बेच रहा था। (ASP) एसटीएफ राकेश कुमार ने बताया कि आगरा और आसपास के जिलों में में फर्जी प्रमाणपत्र बनाए जाने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान अजीत नगर गेट के पास एक दुकान से इंटरमीडिएट, हाईस्कूल, बीएससी, बीकॉम से एमबीए तक की फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां दिए जाने की जानकारी मिली। एसटीएफ टीम ने बृहस्पतिवार को वेस्ट अर्जुन नगर निवासी धनेश को पकड़ लिया। वह अभ्यर्थियों को इन विश्वविद्यालयों में दाखिले का झांसा देता था। कहता था, वहां जाने की जरूरत नहीं है। सारा इंतजाम यहीं हो जाएगा। झारखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश व मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों के शैक्षिक प्रमाणपत्र भी बनवाकर देता था।
इस अवैध धंधे के मास्टर माइंड धनेश ने पूछताछ में बताया कि उसने चार विश्वविद्यालयों से फ्रेंचाइजी (एडमिशन कोड) ले रखी थी। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से उसकी सेटिंग थी। एसटीएफ आरोपी से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसका नेटवर्क किस-किस विश्वविद्यालय में था।
UP News :उत्तर प्रदेश की पुलिस टीम को यूपी बोर्ड सहित अन्य बोर्ड की इंटर व हाईस्कूल की फर्जी मार्कशीट्स, सुभारती विश्वविद्यालय, मंगलायतन विश्वविद्यालय, सिक्किम यूनिवर्सिटी और सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां भी मिली हैं। एसटीएफ ने आरोपी से चार लैपटॉप, सात विश्वविद्यालयों के 942 फर्जी अंकपत्र/प्रमाणपत्र, 104 अन्य अंकपत्र/प्रमाणपत्र बरामद किए हैं। एक ही हस्तलेख वाली उत्तर पुस्तिकाएं मिली हैं, जिनमें 102 पर अलग-अलग नाम दर्ज हैं। 12 विभिन्न सीरियल नंबर की हैं। फीस की रसीदें, लेटर हेड, प्रिंटर, विजिटिंग कार्ड्स, लिफाफे भी मिले हैं। UP News :