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उत्तर प्रदेश के लखनऊ की 9वीं कक्षा की छात्रा आलिया फातिमा रिजवी ने कपड़ों के कचरे से अनोखा प्रोजेक्ट बनाकर स्लिंगशॉट चैलेंज 2026 जीता। जानिए कैसे मिला वैश्विक सम्मान और ₹95 हजार का इनाम।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की 14 वर्षीय छात्रा आलिया फातिमा रिजवी ने अपनी रचनात्मक सोच और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लखनऊ के ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली आलिया ने प्रतिष्ठित स्लिंगशॉट चैलेंज 2026 में जीत दर्ज कर भारत और उत्तर प्रदेश का नाम दुनिया भर में रोशन किया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 1,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 95 हजार रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार मिलेगा। साथ ही उन्हें अक्टूबर 2026 में अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा।
आलिया फातिमा रिजवी ने अपने प्रोजेक्ट में कपड़ा मिलों और दर्जी की दुकानों से निकलने वाली बेकार कतरनों का उपयोग किया। आमतौर पर फेंक दिए जाने वाले इन कपड़ों के टुकड़ों को उन्होंने रंग-बिरंगी और आकर्षक हैंडमेड कठपुतलियों में बदल दिया। उनकी यह पहल सिर्फ रीसाइक्लिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने इन कठपुतलियों को पर्यावरण शिक्षा का माध्यम भी बनाया।
आलिया ने अपनी परियोजना का नाम "द पपेट टीचेस द प्लेनेट" रखा। इस प्रोजेक्ट के जरिए बच्चों और समुदायों को कहानियों के माध्यम से कचरा प्रबंधन, रीसाइक्लिंग और टिकाऊ जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण विषयों के बारे में जागरूक किया जाता है। उनके इस प्रयास में पर्यावरण संरक्षण और लखनऊ की पारंपरिक कठपुतली कला का अनूठा मेल देखने को मिलता है।
स्लिंगशॉट चैलेंज 2026 में इस बार दुनिया भर से बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में 100 देशों के 5,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए और 2,300 से ज्यादा प्रोजेक्ट जमा किए गए। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आलिया का प्रोजेक्ट जजों और विशेषज्ञों को सबसे ज्यादा प्रभावित करने में सफल रहा।
उनकी रचनात्मक सोच, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और स्थानीय कला के उपयोग ने उन्हें इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता का विजेता बना दिया। यह उपलब्धि न केवल आलिया के लिए बल्कि उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
प्रतियोगिता में जीत हासिल करने के बाद आलिया फातिमा रिजवी को 1,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अलावा उन्हें अक्टूबर 2026 में अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी जाने का अवसर मिलेगा, जहां दुनिया भर के युवा पर्यावरण नवाचारकर्ताओं के साथ उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
यह मंच युवा प्रतिभाओं को अपने विचार साझा करने और वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करता है।
स्लिंगशॉट चैलेंज की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्देश्य 13 से 18 वर्ष की आयु के युवाओं को पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं के व्यावहारिक और प्रभावी समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल का आयोजन नेशनल जियोग्राफिक सोसाइटी और द वॉल्ट डिज्नी कंपनी द्वारा किया जाता है।
आलिया फातिमा रिजवी की सफलता यह साबित करती है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े बदलाव की शुरुआत छोटे लेकिन प्रभावशाली विचारों से भी की जा सकती है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
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