लगभग 180 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की जाएगी। इस दौरान कारवां उत्तर प्रदेश के गाँव-गाँव, कस्बों, और शहरों से होकर गुजरेगा, जहाँ संजय सिंह और उनके सहयोगी सीधे जनता से संवाद करेंगे।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई हलचल पैदा करने जा रही है आम आदमी पार्टी की सरयू से संगम तक ऐतिहासिक पदयात्रा होने जा रही है। उत्तर प्रदेश में आयोजित यह यात्रा 12 नवंबर से 24 नवंबर तक चलेगी, जिसकी अगुवाई राज्यसभा सांसद संजय सिंह करेंगे। पार्टी ने इसे रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो का नाम दिया है। उत्तर प्रदेश में आयोजित यह यात्रा अयोध्या की सरयू नदी से आरंभ होकर प्रयागराज के संगम तक पहुंचेगी। लगभग 180 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की जाएगी। इस दौरान कारवां उत्तर प्रदेश के गाँव-गाँव, कस्बों, और शहरों से होकर गुजरेगा, जहाँ संजय सिंह और उनके सहयोगी सीधे जनता से संवाद करेंगे।
जनता की आवाज सड़कों परआम आदमी पार्टी का कहना है कि यह यात्रा केवल पैरों की थकान नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों और आक्रोश की अभिव्यक्ति है।
इस यात्रा का थीम सॉन्ग मैं देश बचाने निकला हूँ पहले ही चर्चा में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पदयात्रा उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी के लिए एक संगठनात्मक पुनर्जीवन की कोशिश है। संजय सिंह, जो पहले से ही भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों पर मुखर रहे हैं, इस यात्रा के माध्यम से प्रदेश की जमीनी राजनीति में गहरी पैठ बनाने की कोशिश करेंगे। यह यात्रा आगामी विधानसभा चुनावों या स्थानीय निकाय चुनावों की दिशा में पार्टी की तैयारी का भी संकेत मानी जा रही है। संजय सिंह की छवि एक ऐसे नेता की है जो न तो डरते हैं, न बिकते हैं, और न चुप रहते हैं। उन्होंने संसद में घोटालों का खुलासा किया, किसानों के पक्ष में आवाज उठाई, और पेपर लीक के खिलाफ लगातार संघर्ष किया।
जनता बनाम सत्ता की लड़ाईआम आदमी पार्टी ने इस पदयात्रा को बीजेपी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनचेतना अभियान बताया है। पार्टी का दावा है कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश की जनता की चार्जशीट बनेगी। जिसमें बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा, और किसान संकट जैसे मुद्दे प्रमुख होंगे। संजय सिंह ने कहा कि हमारे पास सत्ता नहीं है, लेकिन जनता का विश्वास है। जब जनता साथ होती है, तब सबसे मजबूत सत्ता भी जवाब देने को मजबूर होती है। यह यात्रा सरकार के वादों और जमीनी सच्चाई के बीच के अंतर को उजागर करने का प्रयास है। अगले कुछ दिनों में यह साफ होगा कि जनता इस यात्रा को कितना समर्थन देती है, लेकिन इतना तय है कि संजय सिंह की यह पहल उत्तर प्रदेश की सियासी जमीन पर नई हलचल जरूर पैदा करेगी।
ै।
है।