अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी निकहत की चित्रकूट जिला जेल में कथित अवैध मुलाकात के मामले में 30 अक्टूबर 2026 को बांदा की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत में अहम आदेश आने की संभावना है। इस मामले में जेल वार्डर जगमोहन की ओर से दाखिल डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रखा है।

बांदा की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत में हुई सुनवाई, आरोपित विधायक अब्बास अंसारी और पत्नी निकहत समेत कई आरोपी नहीं हुए पेश
UP News : उत्तर प्रदेश के चर्चित अब्बास अंसारी और निकहत की चित्रकूट जिला जेल में कथित अवैध मुलाकात के मामले में अब 30 अक्टूबर 2026 को महत्वपूर्ण आदेश आने की संभावना है। बांदा स्थित विशेष भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में गुरुवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान विधायक अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निकहत और अन्य आरोपित न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। उनके अधिवक्ताओं की ओर से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। वहीं, मामले में आरोपित रहे तत्कालीन जेलर संतोष कुमार न्यायालय में उपस्थित हुए। अब इस प्रकरण में सभी की निगाहें 30 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर लगी हैं। इस दिन जेल वार्डर जगमोहन की ओर से दाखिल डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर न्यायालय का आदेश आने की संभावना है। इस आवेदन में जेल वार्डर ने उन्हें मुकदमे से आरोपमुक्त किए जाने की मांग की है। UP News
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मामले की पिछली सुनवाई 15 अक्टूबर को हुई थी। उस दौरान आगरा सेंट्रल जेल में निरुद्ध जेल वार्डर जगमोहन की ओर से उनके अधिवक्ता रवि यादव ने लगभग आधे घंटे तक न्यायालय में पक्ष रखा था। उन्होंने अपने मुवक्किल को मुकदमे से आरोपमुक्त किए जाने के पक्ष में दलीलें दी थीं। बहस पूरी होने के बाद न्यायालय ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। शासकीय अधिवक्ता सुशील तिवारी के अनुसार, इस आवेदन पर अदालत का फैसला सुरक्षित है। 30 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में निर्णय सुनाए जाने की संभावना है। इस आदेश से यह स्पष्ट होगा कि जेल वार्डर जगमोहन को इस मामले में मुकदमे का सामना करना होगा या उन्हें आरोपमुक्त करने की मांग पर न्यायालय क्या निर्णय लेता है। UP News
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अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी निकहत की कथित अवैध मुलाकात का मामला 10 फरवरी 2023 को सामने आया था। उस समय मऊ सदर सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी चित्रकूट जिला जेल में बंद थे। शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से जिला जेल में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान निकहत जेल अधीक्षक के कक्ष में मिली थीं। इसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और पूरे प्रकरण की जांच शुरू की गई। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया था, क्योंकि इसमें जेल के भीतर बंद एक विधायक से कथित अनधिकृत मुलाकात के साथ-साथ जेल प्रशासन की भूमिका की भी जांच की गई थी। UP News
इस प्रकरण में कर्वी कोतवाली में विधायक अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निकहत, चालक ललक नियाज, तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला, जेल कैंटीन संचालक नवनीत सचान तथा समाजवादी पार्टी के जिला महामंत्री फराज खान और शाहबाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जेल वार्डर जगमोहन को भी इस मामले में आरोपित बनाया गया था।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया था। एसआईटी ने मामले की जांच की, जिसके बाद प्रकरण की न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ी। वर्तमान में मामले की सुनवाई बांदा स्थित विशेष भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में चल रही है। UP News
फिलहाल इस मामले में 30 अक्टूबर की तारीख महत्वपूर्ण मानी जा रही है। न्यायालय में जेल वार्डर जगमोहन के डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर आदेश आने की संभावना है। इस फैसले से मुकदमे में उनकी स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, आदेश आने से पहले यह कहना उचित नहीं होगा कि न्यायालय जगमोहन को आरोपमुक्त करेगा या उनकी याचिका खारिज करेगा। अंतिम निर्णय अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा। UP Newsं
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