ताजमहल में उर्स को लेकर बढ़ा विवाद, हिंदू महासभा ने एएसआई से की रोक लगाने की मांग
सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में एएसआई स्वयं यह स्वीकार कर चुका है कि मुगलकाल या ब्रिटिश शासन के समय ऐसा कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं है, जिसके आधार पर ताजमहल में नमाज, उर्स या अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की अनुमति दी जा सके।

UP News : आगरा स्थित ताजमहल परिसर में 15 से 17 जनवरी के बीच प्रस्तावित उर्स आयोजन को लेकर विवाद तेज हो गया है। अखिल भारत हिंदू महासभा ने इस आयोजन पर आपत्ति जताते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि ताजमहल जैसे संरक्षित स्मारक में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि की अनुमति के लिए कोई वैधानिक या ऐतिहासिक दस्तावेज मौजूद नहीं है। हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में कार्यकतार्ओं ने ताजमहल के निकट प्रदर्शन किया। ज्ञापन में दावा किया गया कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में एएसआई स्वयं यह स्वीकार कर चुका है कि मुगलकाल या ब्रिटिश शासन के समय ऐसा कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं है, जिसके आधार पर ताजमहल में नमाज, उर्स या अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की अनुमति दी जा सके।
पोस्टर और नारों से बिगड़ा माहौल
प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्यों ने ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए पोस्टर लगाए, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। महासभा का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल स्थानीय लोगों को शुक्रवार की नमाज की सीमित अनुमति दी है, न कि चादरपोशी, कव्वाली या उर्स जैसे आयोजनों की। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि ताजमहल परिसर में ऐसे कार्यक्रम हुए तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे। इस पूरे मामले को लेकर आगरा की अदालत में पहले से ही एक याचिका (वाद संख्या 63/2024) विचाराधीन है, जिसमें उर्स आयोजन पर रोक लगाने की मांग की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को निर्धारित है।
प्रशासन सतर्क, सुरक्षा बढ़ाई गई
उर्स आयोजन और पर्यटकों के लिए तीन दिनों तक प्रवेश नि:शुल्क किए जाने की चचार्ओं के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। ताजगंज क्षेत्र और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति से निपटा जा सके। एएसआई अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा है कि मामले की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी। फिलहाल ताजमहल परिसर और उसके आसपास का वातावरण संवेदनशील बना हुआ है, और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
UP News : आगरा स्थित ताजमहल परिसर में 15 से 17 जनवरी के बीच प्रस्तावित उर्स आयोजन को लेकर विवाद तेज हो गया है। अखिल भारत हिंदू महासभा ने इस आयोजन पर आपत्ति जताते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि ताजमहल जैसे संरक्षित स्मारक में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि की अनुमति के लिए कोई वैधानिक या ऐतिहासिक दस्तावेज मौजूद नहीं है। हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में कार्यकतार्ओं ने ताजमहल के निकट प्रदर्शन किया। ज्ञापन में दावा किया गया कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में एएसआई स्वयं यह स्वीकार कर चुका है कि मुगलकाल या ब्रिटिश शासन के समय ऐसा कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं है, जिसके आधार पर ताजमहल में नमाज, उर्स या अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की अनुमति दी जा सके।
पोस्टर और नारों से बिगड़ा माहौल
प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्यों ने ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए पोस्टर लगाए, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। महासभा का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल स्थानीय लोगों को शुक्रवार की नमाज की सीमित अनुमति दी है, न कि चादरपोशी, कव्वाली या उर्स जैसे आयोजनों की। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि ताजमहल परिसर में ऐसे कार्यक्रम हुए तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे। इस पूरे मामले को लेकर आगरा की अदालत में पहले से ही एक याचिका (वाद संख्या 63/2024) विचाराधीन है, जिसमें उर्स आयोजन पर रोक लगाने की मांग की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को निर्धारित है।
प्रशासन सतर्क, सुरक्षा बढ़ाई गई
उर्स आयोजन और पर्यटकों के लिए तीन दिनों तक प्रवेश नि:शुल्क किए जाने की चचार्ओं के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। ताजगंज क्षेत्र और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति से निपटा जा सके। एएसआई अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा है कि मामले की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी। फिलहाल ताजमहल परिसर और उसके आसपास का वातावरण संवेदनशील बना हुआ है, और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।












