पूर्व IAS अभिषेक सिंह की जौनपुर प्रीमियर लीग (JPL) पर विवाद क्यों हुआ? क्रिकेटरों के आरोपों और IAS दुर्गा शक्ति नागपाल से जुड़े चर्चित मामलों की पूरी जानकारी पढ़ें।

UP News : उत्तर प्रदेश में बहुत ही चर्चित IAS अधिकारी के रूप में पहचान बना चुके अभिषेक सिंह से इन दिनों खिलाड़ी बहुत ही नाराज हैं। उत्तर प्रदेश के क्रिकेट के खिलाड़ियों का आरोप है कि IAS अधिकारी रहे अभिषेक सिंह उन्हें अपना राजनैतिक मोहरा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। अपने अनेक कारनामों के कारण सस्पेंड किए गए IAS अधिकारी अभिषेक सिंह IAS की नौकरी छोड़कर अब उत्तर प्रदेश में नेता बनना चाहते हैं। इसी नेतागिरी के चक्कर में अभिषेक सिंह ने हाल ही में अपने गृह जनपद जौनपुर में क्रिकेट की प्रतियोगिता के नाम पर एक बहुत बड़ा ड्रामा किया। क्रिकेट के नाम पर किए गए ड्रामे को जौनपुर प्रीमियर लीग यानी JPL का नाम दिया गया था। JPL में खेलने वाले तमाम खिलाड़ियों का आरोप है कि अभिषेक सिंह ने क्रिकेट के खिलाड़ियों को अपना राजनीति का मोहरा बनाने का प्रयास किया है।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में आयोजित जौनपुर प्रीमियर लीग यानी JPL से चर्चा में आए अभिषेक सिंह का इतिहास बहुत ही विवादित इतिहास है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में पूर्व IAS अधिकारी अभिषेक सिंह और उनकी पत्नी दुर्गा शक्ति नागपाल, दोनों के नाम अलग-अलग वजहों से चर्चा में रहे हैं। एक ओर अभिषेक सिंह का प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा, गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद, अभिनय की दुनिया में प्रवेश और जौनपुर में खेल व सामाजिक आयोजनों के जरिए सक्रियता सुर्खियों में रही है। दूसरी ओर IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने जैसे मामलों को लेकर चर्चा में रही हैं।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के निवासी अभिषेक सिंह ने वर्ष 2011 में UPSC परीक्षा में 94वीं रैंक हासिल की थी। उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला और उन्होंने प्रशासनिक सेवा में काम किया। लेकिन आगे चलकर उनका करियर कई विवादों के कारण चर्चा में आ गया। वर्ष 2022 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी दौरान सरकारी वाहन के सामने तस्वीर खिंचवाकर सोशल मीडिया पर साझा करने का मामला सामने आया। चुनाव आयोग ने उन्हें पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी से हटा दिया था। बाद में उत्तर प्रदेश में उनकी अनुपस्थिति को लेकर भी कार्रवाई हुई और उन्हें निलंबित किया गया। अक्टूबर 2023 में अभिषेक सिंह ने IAS से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने राजनीति,अभिनय, संगीत वीडियो और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की। उनके जीवन का यह बदलाव प्रशासनिक सेवा से मनोरंजन और सार्वजनिक जीवन की ओर एक महत्वपूर्ण मोड़ माना गया।
जौनपुर में पूर्व IAS अभिषेक सिंह की पहल पर जौनपुर प्रीमियर लीग (JPL) का आयोजन भी चर्चा में रहा। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य जिले की खेल प्रतिभाओं को मंच देना और युवाओं को क्रिकेट के क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराना था। लेकिन प्रतियोगिता से जुड़े चयन और टीमों की पात्रता के सवालों ने आयोजन पर बहस खड़ी की। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम को लेकर कुछ टीमों के कप्तानों ने आपत्ति जताई। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि टीम में जौनपुर के बाहर के खिलाड़ियों को शामिल किया गया और चयन प्रक्रिया में समान नियमों का पालन नहीं हुआ। आयोजन से पहले कुछ कप्तानों के खेलने से इनकार करने की खबरें भी सामने आईं थीं।
उत्तर प्रदेश में वहीं दूसरी ओर दुर्गा शक्ति नागपाल 2010 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद UPSC परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 20वीं रैंक हासिल की थी। वर्ष 2013 में गौतमबुद्धनगर में SDM के रूप में तैनाती के दौरान वह अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं। इसी वर्ष कादलपुर गांव में एक निर्माणाधीन धार्मिक स्थल की दीवार से जुड़े मामले में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इस फैसले को लेकर व्यापक विवाद हुआ और बाद में उनका निलंबन वापस ले लिया गया। इस प्रकरण ने प्रशासनिक अधिकारियों की स्वतंत्रता, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक दबाव के सवालों पर बहस छेड़ी। उनके समर्थकों ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को उनकी प्रशासनिक सख्ती से जोड़ा, जबकि तत्कालीन सरकार ने धार्मिक स्थल से जुड़े मामले को कानून-व्यवस्था का प्रश्न बताया था। यह प्रकरण आज भी उनके प्रशासनिक करियर के सबसे चर्चित अध्यायों में गिना जाता है।
Facebook पर वीडियो का लिंक - जौनपुर के खिलाड़ियों की कहानी उन्हीं की जुबानी - खिलाड़ियों को कैशमनी क्यो ज़रूरी? करोड़ो के खर्च वाले JPL में नहीं मिला एक भी रुपया
IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के हालिया प्रशासनिक कामों में गोंडा का एक पुराना सरकारी जमीन विवाद भी शामिल है। सितंबर 2026 में देवीपाटन मंडल में सरकारी नजूल भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे विवाद में प्रशासनिक निगरानी और कानूनी पैरवी के बाद कब्जेदार ने अदालत में हलफनामा देकर मुकदमे को आगे नहीं बढ़ाने की बात कही और कब्जा भी हटा लिया। यह भूमि मंडलायुक्त कार्यालय और उससे संबंधित भवनों के लिए निर्धारित की गई थी। इस कार्रवाई में दुर्गा शक्ति नागपाल की भूमिका को लेकर खूब चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के प्रशासनिक कामों की चर्चा के साथ अगस्त 2026 में एक नया विवाद भी सामने आया। गोंडा की सिविल जज शबीना खान ने आरोप लगाया कि एक लंबित मामले को लेकर उनसे फोन पर अनुचित दबाव बनाने की कोशिश की गई। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने न्यायिक स्वतंत्रता को लेकर गंभीर टिप्पणी की और मामले पर विचार करने का निर्देश दिया।
जौनपुर में आयोजित की गई जौनपुर प्रीमियर लीग यानी JPL को लेकर क्रिकेट के खिलाड़ी पूर्व IAS अधिकारी अभिषेक सिंह से काफी नाराज हैं। पूर्व IAS अधिकारी अभिषेक सिंह उन्हें अपनी राजनीति का मोहरा बना रहे हैं। इसी के लिए उन्होंने जौनपुर में प्रीमियर लीग का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में भारी अव्यवस्था रही। कुछ टीमों ने अव्यवस्था पर अपनी गहरी नाराजगी भी जताई।
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