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कानपुर में पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां हत्या के प्रयास में वांछित हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर खुलेआम सड़कों पर काफिले के साथ घूमता नजर आ रहा है।

UP News : कानपुर में पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां हत्या के प्रयास में वांछित हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर खुलेआम सड़कों पर काफिले के साथ घूमता नजर आ रहा है। आरोप है कि एक लाख के इनामी और कई मामलों में फरार चल रहे इस आरोपी के साथ गाड़ियों का लंबा काफिला, हूटर और राजनीतिक झंडे तक दिखाई दे रहे हैं। यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर उसकी रील्स और वीडियो वायरल होने लगे, जबकि पुलिस उसे पिछले एक महीने से फरार बता रही है।
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कानपुर पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार अजय ठाकुर हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामलों में वांछित है और उस पर लगभग 32 मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद वह शहर के प्रमुख इलाकों में लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ घूमता देखा गया। बताया जा रहा है कि उसके काफिले में थार, स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां शामिल थीं और कई वाहनों पर हूटर और कथित राजनीतिक झंडे भी लगे हुए थे।
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मामला 29 अप्रैल का है, जब रावतपुर थाना क्षेत्र में एक महंत पर जानलेवा हमले का आरोप अजय ठाकुर पर लगा था। इसके बाद उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कीं। पुलिस का दावा है कि वह लगातार उसकी तलाश में थी, लेकिन लगभग डेढ़ महीने बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी सोशल मीडिया पर सक्रिय बताया जा रहा है। इंस्टाग्राम पर उसकी रील्स और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह अपने काफिले के साथ शहर में घूमता दिख रहा है। इन वीडियो में वह गाड़ियों की छत पर खड़े होकर भी नजर आता है और अपने गैंग के साथ शोआॅफ करता दिखाई देता है।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अजय ठाकुर पर लूट, रंगदारी, डकैती, पॉक्सो एक्ट और गुंडा एक्ट समेत कुल 32 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले जिला बदर भी रह चुका है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित होने की जानकारी भी सामने आ चुकी है। इसके बावजूद उसकी खुलेआम मौजूदगी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित हैं और जल्द कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल और गहरे हो गए हैं। घटना के बाद शहर में इस बात की चर्चा तेज है कि जब एक वांछित अपराधी खुलेआम काफिले के साथ घूम सकता है, तो पुलिस की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। मामला अब केवल अपराध तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा भी बन गया है।
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