Accident : रक्षाबंधन पर बांदा में बड़ा हादसा, यमुना में डूबी नाव, चार की मौत, 25 लापता
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 05:57 AM
Lucknow : लखनऊ। यूपी के बांदा से फतेहपुर जा रही नाव यमुना नदी में डूब गई। नाव में 40 से 50 लोग सवार थे। इसमें बच्चों समेत 20 से 25 महिलाएं बताई जा रही हैं। ये महिलाएं राखी बांधने के लिए मायके जा रही थीं। गोताखारों ने लापता लोगों की तलाश शुरू कर दी है। अब तक चार शव निकाले जा चुके हैं। कुछ लोग तैरकर बाहर निकल गए। अभी 25 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
रक्षाबंधन पर्व पर समगरा गांव से महिलाएं व लोग मरका घाट पर पहुंचे थे। यमुना नदी पार करके फतेहपुर जिले के असोथर घाट जाने के लिए नाव पर करीब 50 लोग सवार हुए थे। यमुना नदी में बीच धारा में पहुंचते ही नाव असंतुलित होकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हम अपने गांव से पत्नी को लेकर ससुराल खागा राखी बंधवाने के लिए जा रहे थे। जब हम नदी के किनारे पहुंचे तो सिर्फ एक ही नाव थी। दोपहर तीन बजे का समय था। नदी पार जाने वालों की भीड़ ज्यादा थी। देखते देखते नाव में करीब 40-50 लोग सवार हो गए और कुछ मोटर साइकिल भी नाव पर रख दी गईं।
उन्होंने बताया कि नाव जब बीच नदी में पहुंची तो हिचकोले खाने लगी। लोग डर गए और इधर उधर खिसकने लगे। इसी बीच एक तरफ लोगों की संख्या ज्यादा हो गई और नाव एकदम से पलट गई। कुछ लोग तो तैरने लगे, लेकिन महिलाएं और बच्चे डूबने लगे। देखते देखते बीच धार में लोग बहते चले जा रहे थे। इसी बीच पास में आई एक दो नावांे पर सवार लोगांे ने लोगों को खींचना शुरू कर दिया। इसी में मैं भी एक नाव पर चढ़ गया, लेकिन कई महिलाएं और बच्चे बह गए। प्रत्यक्षदर्शी ननकू ने कहा कि नाव पर 40-50 लोग सवार थे। इसमें से 15 लोगों को बचाया गया है। वहीं 25 लोग डूब गए हैं।
नदी से बचकर आए केपी यादव ने बताया कि मैं लखनऊ से समधरा आया था। समधरा अपनी पत्नी को छोड़कर अपने बहन के घर राखी बंधवाने जा रहा था। मुझे बरैची जाना था। मैं मोटर साइकिल से अकेला जा रहा था। मैं भी नाव पर सवार हो गया। जब नाव डूबी तो मोटर साइकिल भी डूब गई। केपी यादव ने कहा कि मैं किसी तरह बांस के सहारे बाहर निकल पाया। नाव की पतवार अचानक टूट गई तो तेज बहाव की वजह से नाव डिस्बैलेंस हो गई। लेकिन, नाविक फिर संभाल नहीं पाया। उसके बाद नाव पलट गई। नाव में 35 से ज्यादा लोग सवार थे। कुछ लोग तो बच गए हैं, लेकिन अभी बहुत लोग नहीं बाहर आ पाएं हैं।