रामपुर में सपा का बड़ा फेरबदल, पूर्व बसपा नेता को सौंपा अहम रोल

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए पूर्व बसपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह सागर को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंप दी है। इस नियुक्ति के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या सपा रामपुर में नेतृत्व और रणनीति का नया संतुलन तैयार कर रही है?

सपा ने संगठन में किया बड़ा बदलाव
सपा ने संगठन में किया बड़ा बदलाव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Mar 2026 10:12 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ये बड़ा फेरबदल उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने किया है।समाजवादी पार्टी ने अपने प्रमुख नेता आजम खान की सीट पर बड़ा फेरबदल किया है। लंबे समय तक आजम खान का अभेद्य गढ़ मानी जाने वाली रामपुर सीट पर अब संगठन का नया मैसेज साफ दिखने लगा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए पूर्व बसपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह सागर को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंप दी है। इस नियुक्ति के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या सपा रामपुर में नेतृत्व और रणनीति का नया संतुलन तैयार कर रही है?

आजम के गढ़ में अखिलेश का नया दांव

आजम खान के जेल में होने के बीच रामपुर में सपा के फैसलों को लेकर पहले भी अलग-अलग संकेत सामने आते रहे हैं। अब संगठन स्तर पर किए गए इस बदलाव को कई लोग अखिलेश यादव की नई रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। सपा के भीतर चर्चा यह भी है कि यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब रामपुर की राजनीति में नेतृत्व और संगठनात्मक दिशा को लेकर नए सिरे से मोर्चाबंदी हो रही है। बीते लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट चयन को लेकर भी स्थानीय स्तर पर मतभेदों की बातें सामने आई थीं। अब प्रदेश सचिव की नियुक्ति को उसी राजनीतिक सिलसिले में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

जिम्मेदारी संभालते ही 2027 की तैयारी का संदेश

सुरेंद्र सिंह सागर ने जिम्मेदारी मिलते ही पार्टी की लाइन को आगे बढ़ाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी दलित हितों और सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूती देगी। उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संकल्प दोहराया। उनका जोर संगठन विस्तार, कार्यकर्ता जोड़ने और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने पर रहा जो यूपी की सियासत में सपा की मुख्य रणनीति का केंद्र माना जा रहा है। नियुक्ति के बाद मीडिया से बातचीत में सागर ने आजम खान के प्रति सम्मान जताते हुए उन्हें पार्टी का वरिष्ठ और बड़ा चेहरा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी और समर्थक वर्ग आजम खान के लिए चिंतित हैं और कानूनी स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे ताकि वे जल्द बाहर आ सकें। हालांकि, सागर ने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान में उनकी प्राथमिकता संगठन को विस्तार देना और चुनावी तैयारी को मजबूत करना है। सुरेंद्र सिंह सागर ने बसपा के मौजूदा राजनीतिक रुख पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांशीराम के सिद्धांतों की राजनीति अब सपा आगे बढ़ा रही है। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग वर्गों में बदलाव की भावना है और 2027 में सपा को इसका लाभ मिल सकता है। सागर ने यह भी संकेत दिए कि कुछ सामाजिक समूहों में भाजपा को लेकर असंतोष है और ऐसे मतदाता सपा के संपर्क में आ रहे हैं। UP News

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महिला ट्रेनर के बिना नहीं चलेगा जिम, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसल, वाराणसी से सटे एक जिले में हाल ही में जिम की आड़ में लड़कियों के कथित धर्मांतरण से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया था।

वाराणसी सर्किट हाउस में सीएम योगी की बैठक
वाराणसी सर्किट हाउस में सीएम योगी की बैठक
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Mar 2026 01:24 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में अफसरों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान सीएम योगी ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिमों की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि महिलाओं को ट्रेनिंग देने के लिए महिला ट्रेनर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से मौजूद हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसल, वाराणसी से सटे एक जिले में हाल ही में जिम की आड़ में लड़कियों के कथित धर्मांतरण से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया था। जांच में कई जिमों पर सवाल उठे थे और इस केस में एक सिपाही समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इसी घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने जिमों की कार्यप्रणाली, ट्रेनरों की पहचान/वेरिफिकेशन और निगरानी व्यवस्था को लेकर राज्यभर में सख्ती के संकेत दिए हैं।

धार्मिक स्थल परिसर में ही हों धार्मिक आयोजन

कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कहा कि कोई भी धार्मिक क्रियाकलाप धार्मिक स्थल के परिसर में ही किया जाए। किसी भी नई परंपरा या भीड़-भाड़ वाली व्यवस्था की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, होली को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध और जहरीली शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगे—इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में सुबह क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक भी की। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों के साथ भाजपा का प्रदेश नेतृत्व भी मौजूद रहा। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की उपस्थिति रही।

सड़क सुरक्षा और अनुशासन पर भी निर्देश

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों पर अतिक्रमण कर वाहन पार्किंग न होने पाए। सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित बैठकें हों और जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाए जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तेज आवाज वाले साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित हो।

अमृत-2 के कार्यों और पेयजल व्यवस्था की सघन मॉनीटरिंग

वाराणसी शहर में सीवेज और जलापूर्ति से जुड़ी योजनाओं पर मुख्यमंत्री ने विशेष फोकस किया। उन्होंने अमृत-2 योजना के तहत चल रहे कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने और सघन मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की कोई स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने सफाई व्यवस्था में मशीनों का अधिक इस्तेमाल, अंडरग्राउंड केबलिंग को मानकों के अनुरूप कराने और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के संकेत भी दिए।

बैठक में ये जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में स्टाम्प राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जाएसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. सुनील पटेल, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, सीडीओ प्रखर सिंह और डीएफओ स्वाति समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। UP News

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खामेनेई की मौत पर बनारस में 7 दिन का मातम, बंद रहेगी दुकानें

उनके मुताबिक, खामेनेई शिया समाज के लिए वैश्विक स्तर पर रहनुमा थे और समुदाय उनके निधन को अपूरणीय क्षति मान रहा है। मातम के दौरान लोग काले कपड़े पहनकर मजलिसों में शामिल होंगे और खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे।

बनारस में शोक का माहौल
बनारस में शोक का माहौल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Mar 2026 11:48 AM
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UP News : मध्य पूर्व के प्रभावशाली देशों में शामिल ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शिया समुदाय में शोक की लहर है। इमामबाड़ों और मस्जिदों में विशेष दुआएं हो रही हैं। इमाम-ए-जुमा मौलाना जफर हुसैनी ने सात दिन का शोक घोषित करते हुए कहा कि इस अवधि में खुशी के आयोजन स्थगित रहेंगे और लोग दुकानें-कारोबार बंद रखकर मातम मनाएंगे। उनके मुताबिक, खामेनेई शिया समाज के लिए वैश्विक स्तर पर रहनुमा थे और समुदाय उनके निधन को अपूरणीय क्षति मान रहा है। मातम के दौरान लोग काले कपड़े पहनकर मजलिसों में शामिल होंगे और खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे।

32 अंजुमनों का सामूहिक मातम आज

उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में अंजुमनों ने मजलिसों और मातमी जुलूसों का पूरा खाका तैयार कर लिया है। शहर की 32 अंजुमनें सोमवार को लाट सरैया स्थित इमामबाड़ा में जुटकर सामूहिक मातम करेंगी। आयोजन को लेकर रविवार देर रात तक प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बातचीत चलती रही। उधर, रविवार सुबह सहरी के बाद से ही दोषीपुरा, कालीमहल और दालमंडी जैसे शिया बहुल इलाकों में खामेनेई को लेकर चर्चा तेज हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इंसाफ, इंसानियत और मजलूमों की आवाज़ को हमेशा बुलंद किया और उनकी सीख आने वाली पीढ़ियों के लिए भी राह दिखाएगी। हालात को देखते हुए वाराणसी में पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट रहा प्रशासन ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ाई और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी लगाई, ताकि अफवाह या तनाव की कोई गुंजाइश न रहे।

प्रमुख शख्सियतों ने दी श्रद्धांजलि

पितरकुंडा स्थित वक्फ मस्जिद और कब्रिस्तान खास मौलाना मीर इमाम अली में इफ्तार के बाद मजलिस का आयोजन हुआ। नमाज के बाद समुदाय के लोगों ने खामेनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश की। विभिन्न अंजुमनों और धार्मिक विद्वानों की मौजूदगी में तकरीरें भी की गईं। मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने भी दुख जताते हुए कहा कि इसे केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दुनिया के लिए चेतावनी हैं कि हिंसा और जुल्म से मसलों का हल नहीं निकलता।

1 से 5 मार्च के बीच वाराणसी-शारजाह यात्रा प्रभावित

ईरान-इजरायल तनाव का असर उत्तर प्रदेश की हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। बाबतपुर एयरपोर्ट से शारजाह के लिए संचालित उड़ानों में व्यवधान के चलते 1 मार्च से 5 मार्च के बीच 1785 यात्रियों की यात्रा प्रभावित होने की बात सामने आई है। यात्रियों ने एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों में टिकट बुक कराए थे। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार यात्रियों को मोबाइल संदेश के जरिए उड़ान निरस्तीकरण की जानकारी दी गई। बाबतपुर से शाम और रात में शारजाह के लिए आमतौर पर दो उड़ानें रहती हैं, लेकिन हालात बिगड़ने पर दोनों उड़ानों को रद्द करना पड़ा। UP News