
डीएम मनीष कुमार वर्मा के आदेश पर जेवर(Jewar) प्रशासन ने अवैध निर्माणों पर नकेल कसने के लिए चार टीमों का गठन किया है। ये टीमें मुकीमपुर सिवारा, किशोरपुर और रामनेर गांवों में जाकर पक्के निर्माणों को रुकवा रही हैं। प्रशासन ने इन निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए धारा-11 के तहत पत्र भेजे हैं। जेवर एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण के लिए 14 गांवों की 2053 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। प्रशासन किसानों से लगातार सहमति प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है, क्योंकि इस अधिग्रहण में करीब 42 हजार किसान प्रभावित होंगे।
इस प्रक्रिया में लगभग 9,500 किसानों को विस्थापित करना होगा। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि विस्थापित किसानों को उचित मुआवजा मिले, जिसमें खाली जमीन के लिए तय प्रतिकर के अलावा पक्के निर्माण के मामले में अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा। कई गांवों में किसान समझते हैं कि पक्के निर्माण के जरिए मुआवजे की राशि बढ़ सकती है, इसलिए उन्होंने अवैध निर्माण शुरू कर दिए थे। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस की मदद से इन निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
जेवर(Jewar) में बन रहे नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण विकास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन किसानों को उचित मुआवजा और समुचित पुनर्वास की गारंटी दी गई है। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में बनाए गए सभी अवैध निर्माणों को तोड़ा जाएगा, ताकि विकास प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।Jewar: