देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर समूहों में शामिल अडानी समूह अब कर्ज में डूबे जेपी ग्रुप की संपत्तियों को खरीदने की तैयारी में बताया जा रहा है। इस संभावित सौदे ने बाजार और उद्योग जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। जेपी गु्रप के पास इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर रियल एस्टेट तक का काफी बड़ा साम्राज्य है।

UP News : देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर समूहों में शामिल अडानी समूह अब कर्ज में डूबे जेपी ग्रुप की संपत्तियों को खरीदने की तैयारी में बताया जा रहा है। इस संभावित सौदे ने बाजार और उद्योग जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। जेपी गु्रप के पास इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर रियल एस्टेट तक का काफी बड़ा साम्राज्य है। इस डील के बाद ये सारी सम्पत्ति अडानी ग्रुप को मिल जाएगी।
जेपी ग्रुप के पास कई अहम संपत्तियां हैं जिनमें हैं:
* सीमेंट प्लांट (देश के कई राज्यों में)
* हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स (उत्तराखंड और हिमाचल में)
* यमुना एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट
* रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स (नोएडा, ग्रेटर नोएडा)
* होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश
अगर यह डील होती है, तो अडानी समूह को कई फायदे मिल सकते हैं:
* सीमेंट बिजनेस में मजबूती (पहले से मौजूद अंबुजा और एसीसी के साथ विस्तार)
* इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में पकड़ मजबूत
* एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर नियंत्रण
* पावर सेक्टर में अतिरिक्त क्षमता
* रियल एस्टेट में बड़ा लैंड बैंक
जेपी ग्रुप लंबे समय से भारी कर्ज के बोझ से जूझ रहा है। बैंकों और वित्तीय संस्थानों का दबाव बढ़ने के चलते कंपनी अपनी संपत्तियां बेचकर कर्ज कम करने की कोशिश कर रही है। यह सौदा पूरा होने पर सीमेंट और इंफ्रा सेक्टर में कंसोलिडेशन तेज होगा। अडानी समूह की बाजार में पकड़ और मजबूत होगी, अन्य कंपनियों पर भी प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ेगा। अगर अडानी समूह और जेपी ग्रुप के बीच यह सौदा फाइनल होता है, तो यह भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर की सबसे बड़ी डील्स में से एक साबित हो सकता है।