मंदिर विवाद पर सख्त हुआ प्रशासन, एक साथ 25 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
Uttar Pradesh Samachar
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:10 PM
Uttar Pradesh Samachar: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मां विंध्यवासिनी धाम में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दक्षिणा को लेकर दो पंडों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और खून-खराबे तक पहुंच गया। मंदिर परिसर में हुए इस घटना ने न सिर्फ श्रद्धालुओं को दहशत में डाल दिया, बल्कि पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। घटना के बाद मिर्जापुर के पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने विंध्याचल चौकी प्रभारी सहित 24 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। इसके अलावा एक अन्य पुलिसकर्मी को निलंबित कर पूरे मामले में कुल 25 पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
कैसे भड़की हिंसा?
जानकारी के मुताबिक, 23 जुलाई को दर्शन के लिए आए एक नए जजमान को एक पंडा निवेदित ने पूजा कराई थी। इसी बात पर दूसरा पंडा गुट भड़क गया। दक्षिणा के बंटवारे को लेकर पहले कहासुनी हुई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि तीन पंडों ने मिलकर निवेदित पर हमला किया। हमला मंदिर के पास एक दुकान के पास हुआ, जहां आरोपियों ने धारदार कैची से निवेदित के चेहरे और हाथ पर वार कर दिए। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही विंध्याचल कोतवाली पुलिस हरकत में आई और तीनों हमलावर पंडों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से हमले में इस्तेमाल की गई कैची भी बरामद कर ली गई है। अपर पुलिस अधीक्षक नितेश सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद मामला बेहद गंभीर पाया गया। उनके अनुसार, "यह सिर्फ आपसी झगड़ा नहीं बल्कि धार्मिक स्थल की मर्यादा और सार्वजनिक शांति भंग करने की आपराधिक घटना है।"
मंदिर प्रशासन पर भी उठे सवाल
इस हिंसक झगड़े ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर की पवित्रता पर गहरा आघात किया है। घटना के बाद बड़ी संख्या में दर्शनार्थी सहमे हुए दिखे। स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संगठनों ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई है। यह पहली बार नहीं है जब विंध्याचल धाम में पंडों के बीच दक्षिणा को लेकर विवाद हुआ हो, लेकिन इस बार की घटना ने पुलिस प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि इस कार्रवाई के बाद व्यवस्था में कोई ठोस सुधार आता है या नहीं।