प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने 12 आईपीएस अधिकारियों के तबादले करते हुए उन्हें अलग-अलग जिलों और पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फैसले के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने 12 आईपीएस अधिकारियों के तबादले करते हुए उन्हें अलग-अलग जिलों और पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फैसले के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
जारी आदेश के अनुसार:
* सागर जैन को प्रयागराज में डीसीपी बनाया गया है
* मनोज रावत को संभल में एएसपी (दक्षिणी) की जिम्मेदारी मिली है
* आयुष विक्रम सिंह को बहराइच का एसपी सिटी नियुक्त किया गया है।
इन नियुक्तियों को स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से अहम माना जा रहा है।
अन्य प्रमुख तबादलों में:
* विनायक गोपाल भोंसले को मेरठ में तैनाती
* अंतरिक्ष जैन को बुलंदशहर भेजा गया
* ट्विंकल जैन को लखनऊ कमिश्नरेट में जिम्मेदारी दी गई।
ये सभी जिले प्रशासनिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।
राज्य के अन्य हिस्सों में भी बदलाव किया गया है:
* लिपि नागयाच को वाराणसी
* राजकुमार मीणा को मिजार्पुर
* ऋषभ रुनवाल को सोनभद्र
इन जिलों में तैनाती को क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक संतुलन के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।
सरकार ने एएसपी स्तर पर भी फेरबदल किया है:
* आलोक कुमार को प्रतापगढ़
* ईशान सोनी को जालौन
* मयंक पाठक को सहारनपुर
इन नियुक्तियों से जिलों में पुलिसिंग और प्रशासनिक नियंत्रण को और मजबूत करने की उम्मीद है।
कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के तबादले:
* जिलों में नई ऊर्जा लाते हैं
* कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाते हैं
* प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाते हैं।
खासतौर पर ऐसे समय में जब राज्य में कई बड़े मुद्दे चल रहे हैं, यह बदलाव रणनीतिक माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 12 आईपीएस अधिकारियों का यह तबादला सिर्फ नियमित प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले समय में इन नई तैनातियों का असर जिले-दर-जिले कानून-व्यवस्था पर साफ दिखाई दे सकता है।