
UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने सावन शुरू होने से पहले कांवड़ यात्रा को लेकर एक अहम फैसला लिया है। इस बार श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए कांवड़ रूट के ढाबों पर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ का क्यूआर कोड वाला स्टीकर लगाया जा रहा है। हर साल की तरह इस वर्ष भी लाखों की संख्या में शिवभक्त हरिद्वार, गोमुख और अन्य तीर्थ स्थलों से गंगाजल लाने के लिए कांवड़ यात्रा पर निकलेंगे।
इस दौरान श्रद्धालुओं की भोजन से जुड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी सतर्कता बरत रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकसित ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ को इस उद्देश्य के लिए सक्रिय किया गया है। फूड सेफ्टी विभाग की टीमें कांवड़ मार्ग के सभी प्रमुख ढाबों पर इस ऐप का क्यूआर कोड युक्त स्टीकर चस्पा कर रही हैं। इस स्टीकर पर ढाबे के मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और जरूरी जानकारी अंकित होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
इस क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी व्यक्ति ऐप डाउनलोड कर सकता है और भोजन की गुणवत्ता, सफाई या मिलावट संबंधी शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचा सकता है। इससे शिकायतों की त्वरित जांच और समाधान संभव होगा। पिछले वर्षों में कांवड़ रूट पर भोजन में मिलावट और अस्वास्थ्यकर भोजन को लेकर कई बार विवाद और नाराजगी की स्थिति उत्पन्न हुई थी। श्रद्धालुओं की इन्हीं चिंताओं को देखते हुए सरकार ने इस बार यात्रा से पहले ही कड़े इंतजाम करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी ढाबों को अपने रेट लिस्ट भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। मेरठ के शिव जितेंद्र ढाबा और पंडित ढाबा पर इन स्टीकरों की शुरुआत की जा चुकी है।
इस वर्ष सावन का पवित्र मास 11 जुलाई से प्रारंभ होकर 9 अगस्त तक चलेगा। कुल चार सोमवार इस माह में पड़ रहे हैं, जिसमें पहला सोमवार 14 जुलाई को होगा। सावन मास में शिव भक्त उपवास रखते हैं और शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि समर्पित करते हैं। UP News