54 साल बाद बांके बिहारी मंदिर का खजाना का खुला ताला
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:14 AM
मथुरा के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर (Banke Bihari Temple Mathura) में एक ऐतिहासिक घटना घटी है, जहां 54 वर्षों के बाद आज धनतेरस के शुभ अवसर पर मंदिर के खजाने का कमरा खोला गया। यह कमरा मंदिर के गर्भगृह के समीप स्थित था और आधी सदी से बंद पड़ा हुआ था। श्रद्धालुओं के बीच इस घटना को लेकर जबरदस्त उत्साह और अटकलों का माहौल है। -UP News
मंदिर के सेवायत गोस्वामी आभास गोस्वामी ने जानकारी दी कि पुराने समय में इस कमरे को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था, क्योंकि उस समय मंदिर परिसर में सुरक्षा की उचित व्यवस्था नहीं थी। इसमें ठाकुर जी के दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे बर्तन, कलसे, स्नान सामग्री आदि रखी जाती थीं। इसके अतिरिक्त, चांदी और सोने के छोटे आभूषण पहले मथुरा के स्टेट बैंक में जमा करा दिए गए थे।
खजाने का कमरा खोलने पर दिखे काफी कीचड़
खजाने का कमरा खोलने के बाद, जब अंदर की सफाई शुरू की गई, तो कमरे में पानी भरा हुआ था और काफी कीचड़ जमा हो गया था। कमरे में चूहे भी दिखाई दिए। फिलहाल, सफाई का कार्य जारी है। हालांकि, शुरूआती जांच में किसी भी तरह की कीमती वस्तु का कोई पता नहीं चला है। गोस्वामी ने बताया कि यहां जो भी वस्तुएं निकाली जाएंगी, वे केवल ठाकुर जी की पूजा और सेवा के लिए उपयोग की जाने वाली प्राचीन वस्तुएं हो सकती हैं, जैसे तांबे या चांदी के बर्तन, कलसे, स्नान सामग्री या पुराने आभूषण।
गोस्वामी ने यह भी साफ किया कि मंदिर में कभी भी राज्य या महाराजा द्वारा जमा किए गए खजाने को रखा नहीं गया था। यहां रखी जाने वाली अधिकांश सामग्री केवल ठाकुर जी की सेवा और पूजा के लिए थी।
मंदिर प्रशासन ने इस खजाने के कमरे की सफाई और जांच के बाद सभी वस्तुएं श्रद्धालुओं और मीडिया के सामने प्रस्तुत करने का वादा किया है। सुरक्षा और धार्मिक नियमों का पालन करते हुए, किसी भी वस्तु को बाहर निकालने से पहले सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।
मथुरा में इस ऐतिहासिक घटना को लेकर लोगों में जबरदस्त जिज्ञासा है। यह न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है।