
Kanpur: ATS की इंट्रोगेशन में कानपुर हिंसा का मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी टूट गया। सोर्स के मुताबिक PFI से उसके कनेक्शन सामने आ गए हैं। खुलती परतों में ये भी सामने आया है कि विदेशी फंडिंग का हिसाब उसकी बीवी रखती थी। शुक्रवार तक के इंट्रोगेशन की डिटेल एडीजी एटीएस नवीन अरोड़ा को सौंप दी गई। इसकी एक रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई है।
ATS सोर्स के मुताबिक हयात जफर हाशमी की पहली बार रिमांड के दौरान इंट्रोगेशन में कुछ खास हासिल नहीं हुआ था। उसने टीम को गुमराह किया। लेकिन, दूसरी रिमांड में अहम फैक्ट सामने आए हैं। फाइनल राउंड की पूछताछ में हयात के पसीने छूट गए। हयात के साथियों ने भी ATS के सामने कहा "हयात भाईजान जो कहते थे। हम वहीं करते थे। जो भाभी और हयात भाईजान के मोबाइल से बताते थे। 3 जून को भी हयात और उसकी बीबी के कहे मुताबिक ही काम हुए थे।"
हयात ने बताया कि 2 जून को उसकी पुलिस कमिश्नर से बात हो गई। लेकिन उसके ऊपर बैठे PFI के लोग उसकी एक बात सुनने को तैयार नहीं थे। इसी वजह से वह कुछ फैसला नहीं ले पाया। 3 जून को उपद्रव हो गया। उसने साफ कहा " मैं देशद्रोही नहीं हूं, मैं देश के टुकड़े नहीं करना चाहता हूं। अपनी कौम को इंसाफ दिलाना चाहता हूं। नदीम मेरे ससुराल का है। उससे बातचीत होती है। कोई गहरे संबंध नहीं हैं।" बता दें कि नदीम दिल्ली में रहते हुए PFI के लिए काम करता है।
बैंक अकाउंट के बारे में हयात ने बताया "मेरी संस्था के लिए पाकिस्तान, सऊदी अरब, ओमान से फंड आता रहा है। उसका हिसाब मेरी बीवी रखती है। बाहर बैठे लोगों से ऑनलाइन मेरी बातें होती रही हैं। धर्म को बढ़ाना है। फंड अच्छे कामों के लिए मिलता था। मस्जिद-मदरसा बनाने, गरीब बच्चों को पढ़ाने, उनके रहने-खाने की मदद करते रहे हैं। "