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उत्तर प्रदेश में कानून के रखवाले नींद से जाग गए हैं। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि उत्तर प्रदेश में कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी संभालने वालों की नींद 15 जान जाने के बाद खुली है। 15 मौतों के बाद उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरे प्रदेश में सकिय हो गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में कानून के रखवाले नींद से जाग गए हैं। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि उत्तर प्रदेश में कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी संभालने वालों की नींद 15 जान जाने के बाद खुली है। 15 मौतों के बाद उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरे प्रदेश में सकिय हो गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए अग्रिकांड में 15 मासूम छात्रों की जान चली गई। उत्तर प्रदेश की राजधानी जैसे महत्वपूर्ण शहर में हुआ अग्रिकांड पूरी तरह से प्रशासनिक तंत्र के फेल साबित होने का बड़ा प्रमाण है। 15 छात्रों की जान जाने के बादा सक्रिय हुए प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र ने कानून का डंडा चलाना शुरू किया है। UP News
उत्तर प्रदेश की राजधानी में हुए अग्रिकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों की जांच पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने वाले कोचिंग सेंटर सील किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विषय में नया फरमान जारी किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक आदेश जारी करके कहा है कि उत्तर प्रदेश में कहीं पर भी किसी भी इमारत के बेसमेंट में कोचिंग संस्थान तथा नर्सिंगहोम नहीं चलाए जा सकेंगे। इस विषय में उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों तथा पुलिस अफसरों को निर्देश भेज दिए गए हैं। UP News
उत्तर प्रदेश के 100 से अधिक कोचिंग सेंटरों को जांच के दायरे में लिया गया है। इसी कड़ी में नोएडा के दो कोचिंग सेंटर सील कर दिए गए हैं। गौतमबुद्धनगर जिले के प्रशासन ने नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कोचिंग सेंटरों की जांच का सघन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत नोएडा के सेक्टर-104 स्थित ओम कोचिंग सेंटर में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक संकरा रास्ता मिला। जांच में न तो पंजीकरण मिला और न ही फायर NOC इसके बाद नोएडा शहर के सेक्टर-49 स्थित बासु कोचिंग सेंटर की जांच हुई। यहां तीन मंजिलों पर कक्षाएं संचालित हो रही थीं लेकिन आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं थी। दोनों संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। UP News
उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मशहूर कानपुर का काकादेव क्षेत्र भी जांच के केंद्र में रहा। कानपुर विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की टीमों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि कई संस्थानों ने बेसमेंट पार्किंग को क्लासरूम में बदल दिया था। यहां 30 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील किया गया। कार्रवाई की जद में कई चर्चित संस्थान भी आए। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक चरण में 22 संस्थानों को चिह्नित किया गया था, जिसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया। कानपुर का जिला प्रशासन लगातार सीलिंग की कार्यवाही कर रहा है। UP News
उत्तर प्रदेश के वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र, जिसे शहर का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है, में फायर सर्विस, विकास प्राधिकरण और पुलिस की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ संस्थानों के बेसमेंट में जनरेटर, डीजल, पेट्रोल, लकड़ी का कबाड़ और अन्य ज्वलनशील सामग्री मिली। अधिकारियों ने इसे गंभीर खतरा बताते हुए संचालकों को कड़ी चेतावनी दी। एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान ऐसी इमारत में संचालित पाया गया जिसका मानचित्र स्वीकृत नहीं था। इसके बाद पूरी इमारत को सील करने का आदेश दिया गया। गोरखपुर में भी निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं। एक प्रमुख संस्थान में केवल एक सीढ़ी मिली, जबकि फायर अलार्म और अग्निशमन व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं थी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि कई संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा के बाद भी सुधार न होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्नाव में जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने तीन कोचिंग संस्थानों को सीज किया। वहीं मिर्जापुर में लगभग एक दर्जन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा या पंजीकरण संबंधी कमियां पाई जाएंगी, उनके खिलाफ सीलिंग सहित अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे। UP News
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अभियान को और व्यापक बनाते हुए कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ होटल, बैंक्वेट हॉल, अस्पताल और व्यावसायिक भवनों का भी निरीक्षण शुरू किया। अब तक की जांच में 206 ऐसे मामले चिन्हित किए गए हैं जहां अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां मिली हैं। इनमें से 56 मामलों में इमारतों को सील कर दिया गया है। बांदा में कमिश्नर के औचक निरीक्षण के दौरान कई निजी अस्पतालों में फायर उपकरण केवल दिखावे के लिए लगे पाए गए। कई उपकरण काम ही नहीं कर रहे थे। कमिश्नर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 24 घंटे के भीतर सभी सुरक्षा उपकरण चालू कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि बिना फायर सेफ्टी के कोई भी अस्पताल या कोचिंग सेंटर संचालित नहीं होगा। आगरा के चर्चित आकाश इंस्टीट्यूट में बेसमेंट से धुआं उठने के बाद अफरा-तफरी मच गई। हालांकि जांच में पता चला कि शॉर्ट सर्किट के कारण धुआं उठा था और कोई बड़ी आग नहीं लगी थी। प्रबंधन ने समय रहते छात्रों को बाहर निकाल लिया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। UP News
15 छात्रों की मौत के बाद कानून के सभी रखवाले नींद में से जाग चुके हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार भी अचानक खूब सक्रिय नजर आ रही है। सक्रियता दिखाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा आदेश जारी किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का बड़ा आदेश यह है कि प्रेदश की किसी भी इमारत के बेसमेंट में अब कोचिंग सेंटर नहीं चलाया जा सकेगा। इसके साथ ही बेसमेंट में किसी भी तरह का व्यापार या कारोबार करने पर भी रोक लगा दी गई है। यह आदेश सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर कहीं सुरक्षा के नियमों को नजरअंदाज किया गया तो उसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि सुरक्षा से जुड़े नियमों में कोई ढिलाई नहीं चलेगी। UP News
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