आगरा में मीट एट आगरा-2026 में चीन समेत 11 देशों की भागीदारी, पहली बार चाइना पवेलियन और 250 स्टॉल। जानिए कैसे आगरा बन रहा है ट्रेड का नया बड़ा केंद्र।

आगरा। ताजमहल के लिए दुनिया में प्रसिद्ध उत्तर प्रदेश का आगरा शहर अब तेजी से ट्रेड और मैन्युफैक्चरिंग के नए बड़े केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसका ताजा उदाहरण आगरा के सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में चल रहा 18वां अंतरराष्ट्रीय ‘मीट एट आगरा-2026’ है। 3 अक्टूबर से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय आयोजन आज 5 अक्टूबर को अंतिम दिन में पहुंच गया है। फेयर में पहली बार चीन की कंपनियों ने अपना अलग चाइना पवेलियन लगाया है, जबकि भारत समेत कुल 11 देशों के कारोबारी और प्रतिनिधि इसमें हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि आगरा अब केवल जूता निर्माण का केंद्र नहीं रहना चाहता, बल्कि लेदर, फुटवियर कंपोनेंट्स, मशीनरी, टेक्नोलॉजी, डिजाइन, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय B2B कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनता दिखाई दे रहा है।
इस वर्ष के फेयर का सबसे बड़ा आकर्षण चाइना पवेलियन है। पहली बार चीनी कंपनियों ने यहां अपने उत्पाद और तकनीक प्रदर्शित की है। चीनी कंपनियां भारतीय कारोबारियों को फुटवियर निर्माण से जुड़ी मशीनरी, कंपोनेंट्स और आधुनिक उत्पादन समाधान दिखा रही हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि भारतीय फुटवियर बाजार का आकार और उसकी संभावनाएं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का ध्यान तेजी से आकर्षित कर रही हैं। भारतीय फुटवियर निर्माताओं के लिए भी यह अवसर महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे विदेशी तकनीक और मशीनरी को सीधे कंपनियों के प्रतिनिधियों से समझ सकते हैं और उत्पादन लागत, गुणवत्ता तथा उत्पादकता सुधारने के विकल्प तलाश सकते हैं।
‘मीट एट आगरा-2026’ में तीन हॉल में लगभग 250 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां फुटवियर मशीनरी, कंपोनेंट्स, मटीरियल, केमिकल्स, डिजाइन और आधुनिक तकनीक से संबंधित उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। आयोजन का फोकस केवल तैयार जूतों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है। यहां उद्योग की पूरी सप्लाई चेन को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का प्रयास किया गया है।
इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
इस तरह यह फेयर निर्माता और सप्लायर के बीच सीधे कारोबारी संपर्क का बड़ा मंच बन गया है।
इस बार ‘मीट एट आगरा’ में भारत के साथ चीन, अर्जेंटीना, फ्रांस, ब्राजील, जर्मनी, इटली, पुर्तगाल, स्पेन, ताइवान और वियतनाम सहित कुल 11 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी है। यह अंतरराष्ट्रीय भागीदारी आगरा के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे साफ संकेत मिलता है कि आगरा का फुटवियर क्लस्टर अब स्थानीय कारोबार से आगे बढ़कर वैश्विक सप्लाई चेन और सोर्सिंग नेटवर्क का हिस्सा बन रहा है। भारत सरकार के आधिकारिक आयोजन विवरण के अनुसार भी आगरा देश के प्रमुख लेदर-फुटवियर क्लस्टरों में शामिल है और घरेलू तथा निर्यात बाजारों के लिए महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग हब है।
फेयर की शुरुआत के पहले ही दिन कारोबारियों और विजिटर्स में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार पहले दिन 4,211 विजिटर्स पहुंचे और चाइना पवेलियन आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि फुटवियर उद्योग में नई मशीनरी, बेहतर कंपोनेंट्स और आधुनिक तकनीक को लेकर कारोबारियों की दिलचस्पी कितनी तेजी से बढ़ रही है।
इस बार फेयर में केवल मशीनरी और उत्पादन क्षमता ही चर्चा का विषय नहीं है। पर्यावरण अनुकूल फुटवियर भी प्रमुख आकर्षण है। आयोजन में काई और बायोप्लास्टिक जैसे वैकल्पिक एवं पर्यावरण-अनुकूल पदार्थों से बनने वाले सोल भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में फुटवियर उद्योग में सस्टेनेबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग की भूमिका और बढ़ने वाली है।
फुटवियर उद्योग आगरा की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। आधिकारिक आयोजन जानकारी आगरा को देश के अग्रणी लेदर-फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में रेखांकित करती है। आगरा, कानपुर और नोएडा को मिलाकर करीब 450 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स घरेलू और निर्यात बाजारों की जरूरत पूरी करती हैं। यही वजह है कि ‘मीट एट आगरा’ जैसे आयोजन का महत्व केवल तीन दिन के व्यापार मेले तक सीमित नहीं है। इससे मशीनरी निवेश, नई तकनीक, विदेशी साझेदारी, निर्यात, रोजगार और स्थानीय MSME इकाइयों के विस्तार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
आगरा के पास एक साथ कई मजबूत आधार हैं—फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग का पुराना अनुभव, प्रशिक्षित मानव संसाधन, डिजाइन क्षमता, MSME नेटवर्क और देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच। अब इन पारंपरिक ताकतों के साथ अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर और वैश्विक कंपनियों की भागीदारी जुड़ रही है। ‘मीट एट आगरा’ का विस्तार इसी बदलाव का उदाहरण है। AFMEC के अनुसार यह आयोजन 2007 से लगातार आयोजित किया जा रहा है और अब यह लेदर एवं फुटवियर उद्योग के निर्माताओं, निर्यातकों, कंपोनेंट सप्लायर्स, मशीनरी निर्माताओं, टेक्नोलॉजी प्रदाताओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार के कारोबारियों को एक मंच पर ला रहा है।
चीन की कंपनियों का भारतीय बाजार में इस तरह सीधे पहुंचना दो पहलुओं से महत्वपूर्ण है। एक तरफ भारतीय फुटवियर कंपनियों को विश्वस्तरीय मशीनरी और कंपोनेंट्स के नए विकल्प मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर भारतीय निर्माताओं के सामने गुणवत्ता, लागत, डिजाइन और तकनीक में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की चुनौती भी होगी। यदि आगरा के निर्माता नई तकनीक को अपनाकर उच्च गुणवत्ता और बेहतर डिजाइन के साथ उत्पादन बढ़ाते हैं तो यह प्रतिस्पर्धा भारतीय फुटवियर उद्योग के लिए अवसर में बदल सकती है।
फेयर का उद्घाटन उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने किया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने लेदर और फुटवियर उद्योग को प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निर्यात और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए नई तकनीक, गुणवत्ता, डिजाइन, उत्पादकता और कौशल विकास पर जोर दिया। उन्होंने लेदर सेक्टर से जुड़ी चुनौतियों और समस्याओं के समाधान के लिए समिति बनाए जाने की जानकारी भी दी।
आगरा की वैश्विक पहचान लंबे समय से ताजमहल और पर्यटन के कारण रही है। लेकिन अब शहर की दूसरी पहचान भी तेजी से मजबूत हो रही है—फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग और इंटरनेशनल ट्रेड। ‘मीट एट आगरा-2026’ यह संदेश दे रहा है कि आने वाले वर्षों में आगरा केवल पर्यटन का शहर नहीं रहेगा, बल्कि लेदर, फुटवियर, मशीनरी, कंपोनेंट्स और अंतरराष्ट्रीय B2B कारोबार का बड़ा केंद्र बन सकता है। चीन समेत 11 देशों की भागीदारी, 250 स्टॉल, हजारों विजिटर्स और अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन इस बदलाव की तस्वीर पेश कर रहे हैं।
आगरा में शुरू हुआ मीट एट आगरा-2026 सिर्फ एक फुटवियर फेयर नहीं है, बल्कि बदलते उत्तर प्रदेश के ट्रेड मैप की एक महत्वपूर्ण तस्वीर है। चीन की कंपनियों का पहली बार चाइना पवेलियन के साथ पहुंचना बताता है कि भारतीय बाजार में आगरा के फुटवियर क्लस्टर की कारोबारी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय कंपनियां गंभीरता से देख रही हैं। आने वाले समय में यदि आगरा अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता, डिजाइन, स्किल डेवलपमेंट और निर्यात से जोड़ता है, तो आगरा उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ट्रेड हब में अपनी जगह और मजबूत कर सकता है।
विज्ञापन