आगरा के एक कोचिंग सेंटर में सामने आई घटना ने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। कई दिनों से बंद पड़े सेंटर के अंदर आखिर ऐसा क्या हुआ था, जिसकी भनक आसपास के लोगों को भी नहीं लगी? पुलिस अब इस मामले की हर कड़ी जोड़ने में जुटी है।

UP News : उत्तर प्रदेश के आगरा में एक बंद कोचिंग सेंटर के अंदर गणित के शिक्षक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मामला जगदीशपुरा थाना क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी स्थित बीएस प्लाजा का है। यहां संचालित कोचिंग सेंटर में शिक्षक ओमप्रकाश यादव का शव मिला। बताया जा रहा है कि वह कई दिनों से लापता थे और मंगलवार से कोचिंग सेंटर भी बंद पड़ा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश के आगरा की आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-3 स्थित बीएस प्लाजा में करीब 50 वर्षीय ओमप्रकाश यादव गणित की कोचिंग चलाते थे। इसके साथ ही वह सेक्टर-7 स्थित शिवालिक कैंब्रिज कॉलेज में गणित के शिक्षक के रूप में भी कार्यरत थे। सोमवार को उन्होंने कोचिंग सेंटर में विद्यार्थियों को पढ़ाया था। इसके बाद मंगलवार को जब छात्र पढ़ने पहुंचे तो कोचिंग का शटर बंद मिला। लगातार कई दिनों तक सेंटर नहीं खुलने के कारण विद्यार्थियों को वापस लौटना पड़ा। शुक्रवार सुबह आसपास के व्यापारियों को कोचिंग सेंटर के अंदर से तेज दुर्गंध आने का अहसास हुआ। जब उन्होंने शटर की स्थिति देखी तो वह नीचे गिरा हुआ था, लेकिन उसमें ताला नहीं लगा था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद जगदीशपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कोचिंग सेंटर के अंदर जांच की। वहां कमरे में शिक्षक का शव पड़ा मिला। शव कई दिन पुराना बताया जा रहा है। घटनास्थल पर खून भी बिखरा हुआ मिला था। शव की हालत खराब होने के कारण मौके पर जांच करने में पुलिसकर्मियों को भी परेशानी हुई। इसके बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में मौके पर पहुंचे मृतक के रिश्तेदारों ने उनकी पहचान ओमप्रकाश यादव के रूप में की।
मृतक ओमप्रकाश यादव करीब 50 वर्ष के थे और मूल रूप से कानपुर देहात जिले की रसूलाबाद तहसील के गांव कठिका के निवासी थे। वह आगरा में रहकर शिक्षण कार्य कर रहे थे। सोमवार को उन्होंने कोचिंग में बच्चों को पढ़ाया था। इसके बाद मंगलवार को उन्होंने कॉलेज से अवकाश लिया था। हालांकि, इसके बाद वह कॉलेज नहीं पहुंचे और उनका मोबाइल फोन भी बंद था। कॉलेज के कर्मचारियों को लगा कि वह किसी निजी काम से बाहर गए होंगे। लेकिन कई दिनों तक उनसे संपर्क नहीं होने और कोचिंग सेंटर बंद रहने के बाद अब उनकी मौत का मामला सामने आया है।
शिक्षक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती स्तर पर अलग-अलग आशंकाएं सामने आई हैं। पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। बाद की रिपोर्टों में पुलिस की ओर से प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका भी जताई गई है। ADCP सिटी मनोज कुमार के मुताबिक, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना सोमवार की रात हुई या मंगलवार को।
इस मामले में पुलिस कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच टीम मृतक की कॉल डिटेल खंगाल रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि आखिरी बार उन्होंने किससे बातचीत की थी और सोमवार को कोचिंग से निकलने के बाद वह कहां गए थे। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय कोचिंग सेंटर में कौन आया था और वहां से कौन बाहर निकला। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, शिक्षक ब्याज पर रुपये भी दिया करते थे। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही शिक्षक की मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। इस घटना ने इलाके में कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक शिक्षक की मौत कोचिंग सेंटर के अंदर किन परिस्थितियों में हुई और कई दिनों तक किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं हो सकी।
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