उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को अचानक लखनऊ की सिविल कोर्ट में पहुंचकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा कर दिया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एक बड़ा कदम उठाया है। बड़ा कदम उठाते हुए अजय राय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल अचानक तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को अचानक लखनऊ की सिविल कोर्ट में पहुंचकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा कर दिया है। मानहानि के मुकदमे का परिवाद दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उत्तर प्रदेश कांगेस के अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके विरुद्ध मछली खाने का आरोप लगाकर उन्हें जबरन बदनाम करने की कोशिश की है। UP News
दरअसल, 23 अगस्त को अजय राय अयोध्या पहुंचे थे। उनके कार्यक्रम के दौरान निषाद समाज की ओर से स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम के बाद ‘मछली भोज’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर भी विरोध और धार्मिक भावनाओं से जुड़े सवाल उठाए गए। विवाद उस समय और ज्यादा बढ़ गया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और अजय राय पर निशाना साधते हुए अयोध्या में मछली भोज को लेकर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री के बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर जुबानी जंग तेज हो गई। UP News
मामला बढ़ने के बाद अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि उनकी मछली खाते हुए कोई तस्वीर या प्रमाण सामने आता है तो वह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे देंगे। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है तो मुख्यमंत्री को अपने बयान पर जवाब देना चाहिए। अजय राय ने बाद में मुख्यमंत्री को खुला पत्र लिखकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वह शाकाहारी हैं और अयोध्या में जिस कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति थी, वह निषाद समाज के निमंत्रण पर आयोजित हुआ था। उनका कहना था कि कार्यक्रम के बाद आयोजित भोज में कौन क्या खाता है, यह संबंधित लोगों का व्यक्तिगत अधिकार है। UP News
अब अजय राय ने इस विवाद को सीधे कानूनी लड़ाई में बदल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल करते हुए आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ बिना प्रमाण बयान दिया गया और इससे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। इस कानूनी कदम के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस विवाद के और गर्माने के आसार हैं। एक तरफ भाजपा इस पूरे प्रकरण को कांग्रेस की कथित राजनीतिक और धार्मिक संवेदनशीलता से जोड़कर देख रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि उसके प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ तथ्यहीन आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। UP News
अजय राय के मानहानि केस के बाद कांग्रेस के लिए भी यह मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। अब तक जिस विवाद पर भाजपा और कांग्रेस के नेता सार्वजनिक मंचों से एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे, वही मामला कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गया है। अजय राय का रुख साफ है कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई प्रमाण नहीं है तो उन्हें राजनीतिक बयानबाजी के जरिए उनकी छवि खराब करने का अधिकार किसी को नहीं है। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा की ओर से इस विवाद को लेकर पहले दिए गए राजनीतिक बयानों ने मामले को पहले ही प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बना दिया है। UP News
अयोध्या उत्तर प्रदेश की राजनीति में बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है। ऐसे में अयोध्या में आयोजित किसी कार्यक्रम, विशेषकर भोजन और धार्मिक भावनाओं से जुड़े विवाद का राजनीतिक असर सामान्य राजनीतिक बयानबाजी की तुलना में कहीं अधिक हो सकता है। ‘मछली भोज’ विवाद में भी यही देखने को मिला। शुरुआत एक स्थानीय कार्यक्रम से हुई, इसके बाद भाजपा-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए, अजय राय ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी और अब मामला मानहानि के मुकदमे तक पहुंच गया है। अब निगाहें अदालत की आगामी कार्यवाही पर रहेंगी। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में अजय राय की ओर से लगाए गए आरोपों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथित बयान को अदालत किस नजरिए से देखती है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि अयोध्या का ‘मछली भोज विवाद’ उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया कानूनी और राजनीतिक अध्याय खोल चुका है। UP News
विज्ञापन