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UP Politics: : 2027 का चुनाव पार्टी के लिए सियासी अस्तित्व बचाने की लड़ाई माना जा रहा है। मायावती इसकी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

UP News: बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन में बड़े बदलाव किए हैं। दिल्ली से लौटने के बाद उन्होंने कई मंडलीय प्रभारियों की जिम्मेदारियां बदलीं और अब 23 या 24 मई को लखनऊ में प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों व जिला नेताओं की बड़ी बैठक बुलाई है।
बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनसंपर्क अभियान और संभावित प्रत्याशियों के चयन पर चर्चा होने की उम्मीद है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राष्ट्रीय संयोजक अकाश आनंद भी शामिल हो सकते हैं। अकाश आनंद को यूपी में सक्रिय भूमिका दी जा सकती है। मायावती अपने भतीजे को मैदान में उतारकर संगठन को नई ऊर्जा देना चाहती हैं। आनंद के यूपी के चुनावी कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
संगठन में किए गए प्रमुख बदलाव
अखिलेश अंबेडकर को लखनऊ मंडल का मुख्य प्रभारी बनाया गया। प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को प्रयागराज से हटाकर कानपुर मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई। नौशाद अली को कानपुर से चित्रकूट मंडल भेजा गया। लालाराम को झांसी से हटाकर कानपुर मंडल की कमान दी गई।
मायावती अब जिला स्तर पर भी बड़े बदलाव की तैयारी में हैं। जिन जिलों में संगठन कमजोर पाया गया, वहां नए नेताओं को मौका दिए जाने की संभावना है।
वोटबैंक का नया समीकरण
बसपा अपनी कोर वोटबैंक (दलित) के साथ पिछड़े वर्ग और ब्राह्मण समाज को जोड़ने की कोशिश कर रही है। 2027 का चुनाव पार्टी के लिए सियासी अस्तित्व बचाने की लड़ाई माना जा रहा है।
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