अखिलेश यादव ने अपने बयान में दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में भ्रष्टाचार, लूट, बेइमानी, अवैध कब्जे और गैर-कानूनी गतिविधियों में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रदेश में कानून का शासन पूरी तरह समाप्त हो गया है और राज्य सरकार लोकतंत्र, संविधान और प्रशासनिक तंत्र को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है। अखिलेश यादव ने अपने बयान में दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में भ्रष्टाचार, लूट, बेइमानी, अवैध कब्जे और गैर-कानूनी गतिविधियों में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। उनका आरोप है कि सरकार न केवल इन अनियमितताओं पर आंख मूंदे बैठी है, बल्कि कई मामलों में इन्हें राजनीतिक संरक्षण भी मिल रहा है।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव जीतने के लिए पैसे बांटने का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रही है और चुनावी प्रक्रिया को धनबल के सहारे नियंत्रित करना चाहती है। उनके अनुसार भाजपा का आचरण लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरा है और वह प्रशासनिक संस्थाओं को विपक्षी दलों के विरुद्ध हथियार के रूप में उपयोग कर रही है।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश के कई जिलों में अवैध खनन, गैर-कानूनी रूप से पेड़ों की कटाई और जमीनों पर अवैध कब्जे तेजी से बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों में शामिल लोगों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते कानून का डर समाप्त हो गया है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर संविधान को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि भाजपा सरकार आरक्षण के अधिकार को खत्म करने की कोशिश कर रही है और सरकारी नौकरियों एवं भर्ती प्रणाली को कमजोर करने की दिशा में रणनीति बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार झूठे और अप्रमाणित दावों का प्रचार करते हुए जनता को भ्रमित कर रही है और वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।
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