प्रदेश में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार आलोचना सुनने को तैयार नहीं है और केवल अपनी बात दोहराने में लगी रहती है।

UP News : अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार आलोचना सुनने को तैयार नहीं है और केवल अपनी बात दोहराने में लगी रहती है।
सपा प्रमुख ने कहा कि राज्य में बनाई जा रही पानी की टंकियां घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार की वजह से टिक नहीं पा रहीं। उनके अनुसार, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता की कमी के कारण सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि फॉर्म-7 के माध्यम से अल्पसंख्यक, पिछड़े, दलित और गरीब वर्गों के मतदाताओं को नोटिस भेजकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है।
अखिलेश यादव ने वंदे मातरम के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि जो लोग आज राष्ट्रवाद की बातें करते हैं, उनका इतिहास इस भावना के अनुरूप नहीं रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने जेपीएनआईसी का निर्माण कराया, वह अब भाजपा से जुड़ा हुआ है। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार पारदर्शिता की बात करती है तो उसे ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि नई योजनाओं का बजट घटाया जा रहा है और गरीबों व पिछड़े वर्गों के साथ अन्याय हो रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश में विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आंच आ रही है। इन बयानों के साथ सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है।