अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि नई वोटर लिस्ट में ऐसे नाम और पते सामने आ रहे हैं, जो सामान्य समझ से परे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सूची में भगवानदास के पते पर मोहम्मद अफजल जैसे विवरण दर्ज हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि मतदाता सूची तैयार करने में गंभीर लापरवाही हुई है।

UP News : लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने हाल ही में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के बाद जारी की गई मतदाता सूची को लेकर सवाल खड़े करते हुए उसे अव्यवस्थित और संदिग्ध बताया।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि नई वोटर लिस्ट में ऐसे नाम और पते सामने आ रहे हैं, जो सामान्य समझ से परे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सूची में भगवानदास के पते पर मोहम्मद अफजल जैसे विवरण दर्ज हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि मतदाता सूची तैयार करने में गंभीर लापरवाही हुई है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसा लगता है मानो यह काम जानबूझकर मजाक में किया गया हो।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट तैयार करने का काम भाजपा से जुड़ी किसी निजी एजेंसी को सौंपा गया है। उनका कहना था कि इससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने यहां तक कहा कि मतदाता सूची अब सेकुलर नहीं बल्कि अव्यवस्थित हो गई है।
चुनाव आयोग को लेकर भी अखिलेश यादव ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, उनकी जानकारी राजनीतिक दलों को नहीं दी जा रही है। इससे यह संदेह पैदा होता है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा, बल्कि सरकार के प्रभाव में है। उन्होंने दावा किया कि पहले कहा गया था कि मैपिंग के दौरान मतदाताओं को नोटिस नहीं भेजे जाएंगे, लेकिन अब तीन करोड़ से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, अखिलेश यादव ने 2022 के उपचुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई थीं। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर बूथों पर कब्जा किया गया और यहां तक कि पुलिसकर्मियों द्वारा कपड़े बदलकर मतदान करने के आरोप भी सामने आए थे। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर की समय-सीमा को बार-बार बढ़ाया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार पहले से इसके लिए तैयार नहीं थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए कालनेमि वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग दूसरों को कालनेमि बता रहे हैं, उन्हें यह पहचानना चाहिए कि आज के समय में असली कालनेमि कौन हैं। उन्होंने कहा कि वही कालनेमि अंतत: उनके लिए संकट बनकर सामने आएगा। केजीएमयू परिसर से मजार हटाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि यही तर्क अपनाया जा रहा है, तो फिर केजीएमयू को भी हटवा देना चाहिए, क्योंकि उसकी स्थापना एक ईसाई द्वारा की गई थी।