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बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लिए धर्म नहीं, बल्कि धन सबसे महत्वपूर्ण है। भाजपा अयोध्या से लेकर मथुरा तक धर्म की आड़ में धन की राजनीति कर रही है।

UP News : बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लिए धर्म नहीं, बल्कि धन सबसे महत्वपूर्ण है। भाजपा अयोध्या से लेकर मथुरा तक धर्म की आड़ में धन की राजनीति कर रही है। अखिलेश यादव ने भाजपा को धनलोलुप बताया। उन्होंने दावा किया कि यदि सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी होतीं तो कई सवालों के जवाब पहले ही सामने आ चुके होते। सपा प्रमुख ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब तो हालत यह है कि सीसी का अर्थ अब चंदा चोरी समझ में आने लगा है।
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सपा अध्यक्ष ने अयोध्या में विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों को उनकी जमीन के बदले उचित मुआवजा नहीं मिला। साथ ही छोटे व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा। अखिलेश ने कहा कि विकास के नाम पर आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी पहले भी इन मुद्दों को उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।
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राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में राजनीतिक दलों के भीतर हो रही टूट-फूट लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय है।
सपा प्रमुख ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष जरूरी है और राजनीतिक दलों को तोड़ने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के चर्चित पीडीए फॉमूर्ले की नई व्याख्या भी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि पीडीए केवल राजनीतिक समीकरण नहीं बल्कि "प्रेम, दया और अपनापन" का भी प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी विचारधारा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात करती है। UP News
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