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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में सामने आए कथित राम मंदिर दान घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में सामने आए कथित राम मंदिर दान घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शनिवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री बार-बार अयोध्या का दौरा कर रहे थे, तब मंदिर परिसर में कथित अनियमितताएं कैसे चलती रहीं, यह एक बड़ा सवाल है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि एसआईटी जांच में सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ जैसी बातें सामने आई हैं, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बनाती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “इतनी बार अयोध्या जाने के बावजूद मुख्यमंत्री को वहां हो रही कथित गड़बड़ियों की भनक क्यों नहीं लगी? क्या ये दौरे केवल रिकॉर्ड बनाने के लिए थे?” UP News
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सपा प्रमुख ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण शहर होने के बावजूद वहां अपेक्षित सुविधाएं विकसित नहीं हो सकीं। उनके अनुसार, अयोध्या में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बुनियादी ढांचा तैयार किया जाना चाहिए था, लेकिन स्थिति वैसी नहीं दिखती। यह बयान ऐसे समय आया है जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कथित दान गबन मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसी मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को अयोध्या की अदालत ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अंकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू उर्फ रामाशंकर शामिल हैं। UP News
अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाएं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती हैं और इसका सीधा असर रोजगार के अवसरों पर पड़ता है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि जब तक मौजूदा व्यवस्था और सरकार की कार्यशैली नहीं बदलती, तब तक पेपर लीक जैसी समस्याओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो। UP News
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