शुक्रवार को कानपुर के सिविल लाइंस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी शासन के दौरान शहर की पहचान विकास, उद्योग और रोजगार से हटकर हादसों, विवादों और प्रशासनिक नाकामियों की सुर्खियों तक सिमटती जा रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में कानपुर को लेकर सियासी तापमान फिर बढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कभी प्रदेश की औद्योगिक शान माना जाने वाला कानपुर आज बदनामपुर जैसी छवि के साथ चर्चा में है। शुक्रवार को कानपुर के सिविल लाइंस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी शासन के दौरान शहर की पहचान विकास, उद्योग और रोजगार से हटकर हादसों, विवादों और प्रशासनिक नाकामियों की सुर्खियों तक सिमटती जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस कानपुर को टेक्सटाइल मिलों और मैन्युफैक्चरिंग के दम पर उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ कहा जाता था, वही शहर अब कार पलटने की घटनाओं, पुलिस-वकील टकराव और कथित “स्क्रिप्टेड एनकाउंटर” जैसी खबरों में बार-बार सामने आ रहा है।
अखिलेश यादव ने कानपुर की ऐतिहासिक लाल इमली टेक्सटाइल मिल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उसका बंद होना सिर्फ एक फैक्ट्री पर ताला लगना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक विरासत का कमजोर पड़ना है। उन्होंने गंगा में बिना ट्रीटमेंट के सीवेज गिरने का जिक्र कर योगी सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए और कहा कि जिस कानपुर ने उत्तर प्रदेश को औद्योगिक पहचान दी, वही शहर आज बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सत्ता में वापसी होती है तो कानपुर में लखनऊ से भी बेहतर रिवरफ्रंट विकसित किया जाएगा, लाल इमली मिल को फिर से चालू कराया जाएगा और शहर को बड़े औद्योगिक निवेश के लिए तैयार किया जाएगा। इसी क्रम में उन्होंने पनकी पावर प्लांट की बिजली आपूर्ति में दिक्कतों और परियोजनाओं में देरी को स्थानीय उद्योग व रोजगार के लिए बड़ा झटका बताया। केंद्र की स्मार्ट सिटी पहल पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कानपुर अब ट्रैफिक जाम के लिए “जाम सिटी” बनता जा रहा है। उन्होंने गंगा बैराज से जुड़े एक वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि लोग करीब 90 मिनट तक जाम में फंसे रहे। इसी के साथ उन्होंने लखनऊ-कानपुर के बीच 45 मिनट के ट्रैवल टाइम वाले दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ज़मीनी हालात अलग तस्वीर दिखा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि संसद में विपक्षी सांसदों को बोलने नहीं दिया जा रहा और लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि “सच्चा योगी” गुस्से या सत्ता के जोर से नहीं चलता। साथ ही अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर और कानून-व्यवस्था की कार्रवाइयों का इस्तेमाल सरकार अपनी प्रशासनिक कमियों और राजनीतिक सवालों से ध्यान हटाने के लिए करती है। वाराणसी के दाल मंडी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनिंदा इलाकों में तोड़-फोड़ की कार्रवाई की जा रही है, खासकर वहां जहां बीजेपी को वोट नहीं मिलते। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताते हुए सरकार पर भेदभाव का आरोप दोहराया। UP News