AIMIM नेता हाजी शौकत अली का विवादित बयान, कहा-एनकाउंटर का जवाब उसी भाषा में देंगे
मेरठ में एक बार फिर सियासी बयानबाजी ने माहौल गरमा दिया है। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

UP News : मेरठ में एक बार फिर सियासी बयानबाजी ने माहौल गरमा दिया है। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
ईद मिलन समारोह में दिया गया विवादित बयान
जानकारी के मुताबिक, मेरठ में आयोजित एक ईद मिलन कार्यक्रम के दौरान हाजी शौकत अली ने कथित तौर पर कहा कि अगर मुसलमानों का एनकाउंटर होगा तो उसका जवाब भी उसी तरीके से दिया जाएगा। इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया और मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
यह पहली बार नहीं है जब हाजी शौकत अली अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी कई मौकों पर उनके बयान विवादों में रहे हैं। साल 2023 में, जब यूपी में निकाय चुनाव चल रहे थे, उस दौरान उन्होंने माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद की हत्या को लेकर मंच से तीखी टिप्पणी की थी, जिसके बाद भी उन पर मामला दर्ज हुआ था। अब एक बार फिर इस मामले में मेरठ के लोहियानगर थाने में हाजी शौकत अली के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बयान को गंभीर मानते हुए भड़काऊ भाषण से संबंधित धाराओं में मुकदमा कायम किया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
संभल और मुरादाबाद के बयान भी बने थे विवाद का कारण
संभल में एक जनसभा के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिससे राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। इसके अलावा मुरादाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जनसंख्या को लेकर भी बयान दिया था, जो काफी चर्चा में रहा। इस बयान पर भी विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं से गमार्या माहौल
इस ताजा मामले के सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ नेताओं ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताया है, जबकि समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। कार्यक्रम के वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मेरठ का यह मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की राजनीति और कानून-व्यवस्था दोनों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेंगी।
UP News : मेरठ में एक बार फिर सियासी बयानबाजी ने माहौल गरमा दिया है। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
ईद मिलन समारोह में दिया गया विवादित बयान
जानकारी के मुताबिक, मेरठ में आयोजित एक ईद मिलन कार्यक्रम के दौरान हाजी शौकत अली ने कथित तौर पर कहा कि अगर मुसलमानों का एनकाउंटर होगा तो उसका जवाब भी उसी तरीके से दिया जाएगा। इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया और मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
यह पहली बार नहीं है जब हाजी शौकत अली अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी कई मौकों पर उनके बयान विवादों में रहे हैं। साल 2023 में, जब यूपी में निकाय चुनाव चल रहे थे, उस दौरान उन्होंने माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद की हत्या को लेकर मंच से तीखी टिप्पणी की थी, जिसके बाद भी उन पर मामला दर्ज हुआ था। अब एक बार फिर इस मामले में मेरठ के लोहियानगर थाने में हाजी शौकत अली के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बयान को गंभीर मानते हुए भड़काऊ भाषण से संबंधित धाराओं में मुकदमा कायम किया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
संभल और मुरादाबाद के बयान भी बने थे विवाद का कारण
संभल में एक जनसभा के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिससे राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। इसके अलावा मुरादाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जनसंख्या को लेकर भी बयान दिया था, जो काफी चर्चा में रहा। इस बयान पर भी विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं से गमार्या माहौल
इस ताजा मामले के सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ नेताओं ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताया है, जबकि समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। कार्यक्रम के वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मेरठ का यह मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की राजनीति और कानून-व्यवस्था दोनों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेंगी।












