बलिया की वायरल दिव्यांग छात्रा रागिनी से अखिलेश यादव ने लखनऊ में मुलाकात की। पूर्व सीएम ने 2 लाख रुपये दिए और इलाज व शिक्षा में मदद का भरोसा दिलाया।

UP News : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की दिव्यांग छात्रा रागिनी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। स्कूल आने-जाने के लिए कूद-कूदकर चलने का उसका वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकात के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी रागिनी से मुलाकात की। शनिवार को रागिनी अपने माता-पिता और सपा नेता नीरज सिंह गुड्डू के साथ लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंची। अखिलेश यादव ने रागिनी को दो लाख रुपये का चेक प्रदान किया और उसके इलाज तथा शिक्षा में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने लखनऊ के केजीएमयू में रागिनी के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने और उसकी शिक्षा का इंतजाम समाजवादी पार्टी की ओर से कराने का आश्वासन भी दिया।
मनियर क्षेत्र के दिघेड़ा गांव निवासी रागिनी दोनों पैरों से दिव्यांग है। परिजनों के मुताबिक बचपन में हुए एक हादसे के बाद उसके पैर खराब हो गए थे। दिव्यांगता के कारण उसे स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। इसी दौरान उसका स्कूल जाते समय कूद-कूदकर आगे बढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद रागिनी की कहानी लोगों तक पहुंची और देखते ही देखते वह चर्चा में आ गई।
वायरल गर्ल रागिनी शनिवार को अपने पिता देवेंद्र राजभर और माता बबिता राजभर के साथ लखनऊ पहुंची। बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के सपा नेता नीरज सिंह गुड्डू उन्हें लेकर पार्टी कार्यालय पहुंचे। यहां अखिलेश यादव ने रागिनी से मुलाकात की और उसे दो लाख रुपये का चेक दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने रागिनी और उसके परिवार को भरोसा दिलाया कि उसके इलाज और शिक्षा में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुलाकात के दौरान केजीएमयू से आए एक डॉक्टर ने भी रागिनी का परीक्षण किया। इसके अलावा पार्टी कार्यालय में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने अपनी ओर से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी रागिनी को दी।
अखिलेश यादव ने रागिनी के बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू में व्यवस्था कराने की बात कही। साथ ही उसकी पढ़ाई को लेकर भी सहयोग का आश्वासन दिया।
बताया गया है कि रागिनी की शिक्षा की दिशा में पहले ही कदम उठाया जा चुका है। सपा नेता नीरज सिंह गुड्डू की ओर से रागिनी का प्रवेश नारायनपुर गांव स्थित सीबीएसई बोर्ड के बीएन इंटरनेशनल स्कूल में कराया जा चुका है। इस तरह रागिनी के इलाज के साथ उसकी शिक्षा को भी आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
रागिनी के वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने भी उसकी मदद के लिए कदम बढ़ाए। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह समेत कई समाजसेवी और स्वयंसेवी संगठनों के लोग रागिनी के घर पहुंचे थे। इस मामले का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया था। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने विधायक केतकी सिंह के साथ रागिनी से मुलाकात की थी। इसके बाद अखिलेश यादव की ओर से संदेश मिलने पर नीरज सिंह गुड्डू रागिनी और उसके माता-पिता को लेकर सड़क मार्ग से लखनऊ पहुंचे, जहां पूर्व मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात की।
मुलाकात के बाद नीरज सिंह गुड्डू ने बताया कि अखिलेश यादव ने रागिनी के बेहतर इलाज और शिक्षा की पूरी व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है। रागिनी की कहानी ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों का ध्यान खींचा है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उसके इलाज और शिक्षा को लेकर परिवार की उम्मीदें बढ़ी हैं। UP News:
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