अखिलेश यादव के 24 सितंबर के दौरे से पहले भाजपा नेता पुष्पेंद्र सिंह ने सपा प्रमुख पर राजनीतिक मकसद से आने का आरोप लगाया और छात्र विवाद को लेकर सवाल उठाए।

UP News : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 24 सितंबर को प्रस्तावित रायबरेली दौरे को लेकर जिले की सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता पुष्पेंद्र सिंह ने सपा प्रमुख के दौरे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह दौरा राजनीतिक मकसद से किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि हालिया छात्र विवाद को लेकर सपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली पहुंचेंगे और PDA रथ से हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के आवास तक जाने का कार्यक्रम है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्यक्रम 17 सितंबर को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद सामने आया है।
भाजपा नेता पुष्पेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का रायबरेली दौरा राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख हालिया छात्र विवाद को एक विशेष सामाजिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। पुष्पेंद्र सिंह ने दावा किया कि रायबरेली की जनता राजनीतिक घटनाक्रम को समझती है और केवल किसी राजनीतिक यात्रा या कार्यक्रम से प्रभावित नहीं होगी। उनके बयान में सपा प्रमुख की राजनीतिक गतिविधियों और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, ये पुष्पेंद्र सिंह के राजनीतिक आरोप हैं। सपा की ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है। UP News :
पुष्पेंद्र सिंह ने हाल में हुए छात्रों के दो गुटों के विवाद का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा इस घटना का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। 17 सितंबर को रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और ABVP से जुड़े छात्रों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से पुलिस-प्रशासन के खिलाफ विरोध भी किया गया। पुलिस ने अपनी कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ा बताया है। अखिलेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद 24 सितंबर को रायबरेली पहुंचने की घोषणा की थी। भाजपा नेता पुष्पेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव के नजदीक आने पर ही अखिलेश यादव को रायबरेली की जनता और स्थानीय मुद्दों की याद आती है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान क्षेत्र में कई घटनाएं और दुर्घटनाएं हुईं, लेकिन उस समय सपा नेतृत्व ने इस तरह सक्रियता नहीं दिखाई। उनके मुताबिक, अब विधानसभा चुनाव नजदीक आने के कारण स्थानीय घटनाओं को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। यह बयान भाजपा नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया है और इसे उनके आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पुष्पेंद्र सिंह ने समाजवादी पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने सपा से पूछा कि पार्टी संगठन और सत्ता में इन वर्गों को कितना प्रतिनिधित्व मिला है। इसके जवाब में भाजपा नेता ने दावा किया कि भाजपा ने संगठन और सरकार के विभिन्न स्तरों पर इन सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व दिया है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और मंत्रिमंडल का भी उल्लेख किया। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रमुख राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी 24 सितंबर से PDA रथ अभियान की शुरुआत करने जा रही है। अखिलेश यादव चुरुआ से PDA रथ पर सवार होकर हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के आवास पहुंचेंगे। दूसरी ओर भाजपा भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा रही है। ऐसे में रायबरेली का यह दौरा स्थानीय मुद्दे के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से भी चर्चा में है।
पुष्पेंद्र सिंह ने अपने बयान में सपा की सामाजिक न्याय और PDA की राजनीति पर सवाल उठाते हुए पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की चुनौती दी। उन्होंने भाजपा को लेकर अपने संगठनात्मक और सामाजिक प्रतिनिधित्व संबंधी दावे भी रखे। फिलहाल अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे और भाजपा नेता की इस प्रतिक्रिया के बीच जिले की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। UP News :
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