उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी पर राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) प्रमुख जयंत चौधरी की नाराजगी और बसपा सुप्रीमो मायावती के समर्थन के बाद अब अखिलेश यादव ने पलटवार किया है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी पर राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) प्रमुख जयंत चौधरी की नाराजगी और बसपा सुप्रीमो मायावती के समर्थन के बाद अब अखिलेश यादव ने पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच संभावित सीट बंटवारे का जिक्र करते हुए तंज कसा कि अगर आरएलडी को 30 सीटों के मुकाबले चार गुना हिस्सा दिया जाए तो उसे 120 सीटें मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे कम सीटें मिलने पर यह चौधरी चरण सिंह, चौधरी अजित सिंह और जाट समाज का अपमान माना जाएगा। UP News
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर किसी सहयोगी दल को 30 सीटें दी जाती हैं तो उसे तीन से चार गुना अधिक सीटें मिलनी चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने आरएलडी को 120 सीट देने की बात कही। अखिलेश ने कहा कि अगर भाजपा अपने सहयोगियों को पर्याप्त सीटें नहीं देती है तो इसे उनके सम्मान से जोड़कर देखा जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे को चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजित सिंह की राजनीतिक विरासत से भी जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी गठबंधन की राजनीति में विश्वास करती है और सहयोगियों को साथ लेकर चलती है। उन्होंने दावा किया कि सपा अपने गठबंधन को कमजोर करने या तोड़ने का काम नहीं करती। उन्होंने कहा कि कई बार सच बोलने पर लोग नाराज हो जाते हैं। जयंत चौधरी और मायावती की ओर से की गई आलोचना के संदर्भ में अखिलेश ने कहा कि सपा अपने गठबंधन को बनाए रखने के पक्ष में है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी को सहयोगी छोड़कर जाते रहे हैं, लेकिन पार्टी ने गठबंधन तोड़ने की पहल नहीं की। UP News
विवाद की शुरुआत अखिलेश यादव के उस बयान से हुई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा अपने सहयोगी दलों के बीच कुल 162 सीटों का बंटवारा कर सकती है। अखिलेश के दावे के मुताबिक, आरएलडी को 73, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल (एस) को 19 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि यह आंकड़ा अखिलेश यादव के दावे पर आधारित है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। UP News
दरअसल, अखिलेश यादव ने अपने बयान में आरएलडी और जयंत चौधरी का नाम लिए बिना गठबंधन को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी ने ‘चवन्नी को रुपया’ बनाया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग साथ छोड़कर चले गए। इस टिप्पणी पर जयंत चौधरी ने आपत्ति जताई और इसे जाट समाज के सम्मान से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। इसके बाद मायावती ने भी जयंत चौधरी का समर्थन करते हुए सपा अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की। UP News
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