बरेली में बड़ा हादसा : नोएडा की तरह खुले नाले में गिरा युवक, 18 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं
बरेली से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां नगर निगम की लापरवाही ने एक युवक की जान पर खतरा खड़ा कर दिया। सैटेलाइट बस स्टैंड के पास एक युवक खुले नाले में गिर गया और 18 घंटे बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां नगर निगम की लापरवाही ने एक युवक की जान पर खतरा खड़ा कर दिया। सैटेलाइट बस स्टैंड के पास एक युवक खुले नाले में गिर गया और 18 घंटे बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है। यह घटना कुछ दिनों पहले नोएडा में हुए हादसे की याद ताजा कर रही है। ठीक वैसा ही हादसा यहां देखने को मिला।
देर रात हुआ हादसा, इलाके में मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि यह घटना देर रात की है, जब युवक अचानक खुले पड़े नाले में जा गिरा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, नगर निगम और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद नाले के अंदर जवानों को उतारा गया। जेसीबी मशीनों से नाले को तोड़ा जा रहा है साथ ही पानी निकालने के लिए बड़े पंप लगाए गए हैं। इसके बावजूद अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
कहां फंसा युवक, बना रहस्य
रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि युवक नाले के किस हिस्से में फंसा है, इसका कोई स्पष्ट अंदाजा नहीं लग पा रहा।
नाला काफी लंबा और अंदर से जटिल संरचना वाला बताया जा रहा है, जिससे सर्च आॅपरेशन में लगातार मुश्किलें आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले को सही तरीके से ढका नहीं गया था। सफाई के दौरान स्लैब हटाए गए थे, बाद में उन्हें ठीक से लगाया नहीं गया जिसके कारण कई दिनों से वहां गैप मौजूद था। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते नाले को बंद किया जाता, तो यह हादसा टल सकता था।
घटना ने नोएडा में हुए पुराने हादसे की याद ताजा कर दी
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता युवक को सुरक्षित बाहर निकालने की है। युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। इस घटना ने नोएडा में हुए पुराने हादसे की याद ताजा कर दी है, जहां लापरवाही के चलते एक युवक की जान चली गई थी। बरेली की यह घटना फिर से शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक का संकेत है। खुले नाले, अधूरी सुरक्षा और लापरवाही मिलकर लोगों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं। जब तक जिम्मेदार एजेंसियां सख्ती से काम नहीं करेंगी, ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है।
UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां नगर निगम की लापरवाही ने एक युवक की जान पर खतरा खड़ा कर दिया। सैटेलाइट बस स्टैंड के पास एक युवक खुले नाले में गिर गया और 18 घंटे बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है। यह घटना कुछ दिनों पहले नोएडा में हुए हादसे की याद ताजा कर रही है। ठीक वैसा ही हादसा यहां देखने को मिला।
देर रात हुआ हादसा, इलाके में मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि यह घटना देर रात की है, जब युवक अचानक खुले पड़े नाले में जा गिरा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, नगर निगम और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद नाले के अंदर जवानों को उतारा गया। जेसीबी मशीनों से नाले को तोड़ा जा रहा है साथ ही पानी निकालने के लिए बड़े पंप लगाए गए हैं। इसके बावजूद अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
कहां फंसा युवक, बना रहस्य
रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि युवक नाले के किस हिस्से में फंसा है, इसका कोई स्पष्ट अंदाजा नहीं लग पा रहा।
नाला काफी लंबा और अंदर से जटिल संरचना वाला बताया जा रहा है, जिससे सर्च आॅपरेशन में लगातार मुश्किलें आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले को सही तरीके से ढका नहीं गया था। सफाई के दौरान स्लैब हटाए गए थे, बाद में उन्हें ठीक से लगाया नहीं गया जिसके कारण कई दिनों से वहां गैप मौजूद था। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते नाले को बंद किया जाता, तो यह हादसा टल सकता था।
घटना ने नोएडा में हुए पुराने हादसे की याद ताजा कर दी
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता युवक को सुरक्षित बाहर निकालने की है। युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। इस घटना ने नोएडा में हुए पुराने हादसे की याद ताजा कर दी है, जहां लापरवाही के चलते एक युवक की जान चली गई थी। बरेली की यह घटना फिर से शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक का संकेत है। खुले नाले, अधूरी सुरक्षा और लापरवाही मिलकर लोगों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं। जब तक जिम्मेदार एजेंसियां सख्ती से काम नहीं करेंगी, ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है।












