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UP News : इंडिया ब्लॉक की बैठक में हालांकि सपा-कांग्रेस गठबंधन पर जारी सस्पेंस तो खत्म नहीं हुआ, लेकिन कुछ संकेत जरूर मिले जो बताते हैं कि भविष्य की तस्वीर क्या हो सकती है।

UP News : इंडिया ब्लॉक की बैठक सोमवार को दिल्ली में हुई। तमाम विपक्षी दलों ने केंद्र को घेरेने की रणनीति पर मंथन किया। लेकिन यह बैठक यूपी की राजनीति के नजरिए से भी बहुत अहम थी। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की आहट इसमें भी सुनाई दी। सबकी नजर अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर टिकी हुई थी। सपा और कांग्रेस का गठबंधन होगा या नहीं यही सवाल इन दिनों यूपी के राजनीतिक गलियारों से लेकर इंडिया ब्लॉक के भीतर गूंज रहा है।
इंडिया ब्लॉक की बैठक में हालांकि सपा-कांग्रेस गठबंधन पर जारी सस्पेंस तो खत्म नहीं हुआ, लेकिन कुछ संकेत जरूर मिले जो बताते हैं कि बात बन तो सकती है, परेशानियां भी कम नहीं होंगी। UP News
राहुल-अखिलेश की बेहतर केमिस्ट्री
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बैठक में राहुल और अखिलेश के बीच बेहतर केमिस्ट्री देखने को मिली, जिससे उम्मीद बंधती है कि कांग्रेस और सपा मिलकर 2027 के चुनावी मैदान में उतरेंगी। बताया जा रहा है कि सपा प्रमुख ने कांग्रेस नेता को बड़ा दिल दिखाने की बात कही। उन्होंने कांग्रेस को पिछला लोकसभा चुनाव याद दिलाया, जिसमें दोनों पार्टियों ने मिलकर बीजेपी की चुनावी विजय के सिलसिले पर ब्रेक लगा दिया था।
ऐसा करके अखिलेश यह समझाना चाहते थे कि 2024 लोकसभा चुनाव में इंडिया ब्लॉक की सफलता केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि क्षेत्रीय दलों के संगठन, कार्यकर्ताओं और सामाजिक आधार की भी देन थी। UP News
सपा क्या संदेश देना चाहती है
समाजवादी पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी राजनीति का केंद्र वही है और भविष्य के किसी भी चुनावी गठबंधन में उसकी भूमिका बड़ी होनी चाहिए। सपा कांग्रेस को 2027 के लिए कितनी सीटें देना चाहती है, इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि वह कांग्रेस को 80 सीटें देने के लिए तैयार है। सपा का प्लान है कि कांग्रेस को हर जिले में एक सीट दे दी जाए ताकि समाजवादी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी न हो। लेकिन इसके लिए कांग्रेस कितनी तैयार होगी, यह किसी को नहीं पता। अब देखना पड़ेगा कि राहुल-अखिलेश की जुगलबंदी से यूपी की राजनीति का कौन सा राग निकलता है। UP News
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