उत्तर प्रदेश में चुनावी नौटंकी शुरू, रैली के दौरान मंच पर रोने लगे मंत्री
प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में निषाद पार्टी ने गोरखपुर से अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी। पादरी बाजार स्थित पार्टी कार्यालय से निकली मोटरसाइकिल रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

UP News : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में निषाद पार्टी ने गोरखपुर से अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी। पादरी बाजार स्थित पार्टी कार्यालय से निकली मोटरसाइकिल रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। करीब तीन हजार बाइकों का काफिला शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरता हुआ प्रमुख स्थानों तक पहुंचा, जिससे पूरे इलाके में चुनावी माहौल बन गया। मंच से भाषण के दौरान मंत्री संजय निषाद इतने भावुक हो गए कि वो फफक-फफक कर रो पड़े।
रैली में दिखी शक्ति प्रदर्शन की झलक
रैली के दौरान कैबिनेट मंत्री संजय निषाद खुद बाइक चलाते हुए कार्यकतार्ओं का नेतृत्व करते नजर आए। इस दौरान समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। पार्टी ने इस आयोजन के जरिए साफ संकेत दिया कि आने वाले चुनाव में वह पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने वाली है। सभा को संबोधित करते हुए संजय निषाद ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक उनके समाज को नजरअंदाज किया गया और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब समाज को उसका हक दिलाने के लिए एकजुट होना होगा।
भावुक हुए संजय निषाद, मंच पर छलके आंसू
कार्यक्रम का सबसे चर्चित पल तब सामने आया, जब भाषण के दौरान संजय निषाद अचानक भावुक हो गए। बोलते-बोलते उनकी आंखें नम हो गईं और वे मंच पर ही रो पड़े। उन्होंने कहा कि उनके समाज के साथ लगातार अन्याय हुआ है और अब इसे बदलने के लिए मजबूती से आगे आना होगा। उनके इस भावुक क्षण ने वहां मौजूद लोगों को भी भावनात्मक कर दिया।
160 सीटों पर प्रभाव का दावा
संजय निषाद ने दावा किया कि प्रदेश की करीब 160 विधानसभा सीटों पर उनके समाज का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि यदि समाज एकजुट हो जाता है, तो चुनावी परिणामों पर बड़ा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि पार्टी अब इस वर्ग को संगठित करने में जुटी है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में पार्टी चार बड़ी रैलियां आयोजित करेगी। इन रैलियों के जरिए निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को और तेज किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संजय निषाद का भावुक अंदाज एक रणनीतिक कदम भी हो सकता है, जिससे समाज में एकजुटता और सहानुभूति पैदा की जा सके। हालांकि, इसका वास्तविक असर 2027 के चुनाव में ही साफ तौर पर दिखाई देगा। गोरखपुर से शुरू हुआ यह अभियान साफ संकेत देता है कि निषाद पार्टी चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतर चुकी है। अब देखना यह होगा कि यह रणनीति और भावनात्मक अपील आने वाले समय में कितना राजनीतिक असर डालती है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में निषाद पार्टी ने गोरखपुर से अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी। पादरी बाजार स्थित पार्टी कार्यालय से निकली मोटरसाइकिल रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। करीब तीन हजार बाइकों का काफिला शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरता हुआ प्रमुख स्थानों तक पहुंचा, जिससे पूरे इलाके में चुनावी माहौल बन गया। मंच से भाषण के दौरान मंत्री संजय निषाद इतने भावुक हो गए कि वो फफक-फफक कर रो पड़े।
रैली में दिखी शक्ति प्रदर्शन की झलक
रैली के दौरान कैबिनेट मंत्री संजय निषाद खुद बाइक चलाते हुए कार्यकतार्ओं का नेतृत्व करते नजर आए। इस दौरान समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। पार्टी ने इस आयोजन के जरिए साफ संकेत दिया कि आने वाले चुनाव में वह पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने वाली है। सभा को संबोधित करते हुए संजय निषाद ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक उनके समाज को नजरअंदाज किया गया और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब समाज को उसका हक दिलाने के लिए एकजुट होना होगा।
भावुक हुए संजय निषाद, मंच पर छलके आंसू
कार्यक्रम का सबसे चर्चित पल तब सामने आया, जब भाषण के दौरान संजय निषाद अचानक भावुक हो गए। बोलते-बोलते उनकी आंखें नम हो गईं और वे मंच पर ही रो पड़े। उन्होंने कहा कि उनके समाज के साथ लगातार अन्याय हुआ है और अब इसे बदलने के लिए मजबूती से आगे आना होगा। उनके इस भावुक क्षण ने वहां मौजूद लोगों को भी भावनात्मक कर दिया।
160 सीटों पर प्रभाव का दावा
संजय निषाद ने दावा किया कि प्रदेश की करीब 160 विधानसभा सीटों पर उनके समाज का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि यदि समाज एकजुट हो जाता है, तो चुनावी परिणामों पर बड़ा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि पार्टी अब इस वर्ग को संगठित करने में जुटी है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में पार्टी चार बड़ी रैलियां आयोजित करेगी। इन रैलियों के जरिए निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को और तेज किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संजय निषाद का भावुक अंदाज एक रणनीतिक कदम भी हो सकता है, जिससे समाज में एकजुटता और सहानुभूति पैदा की जा सके। हालांकि, इसका वास्तविक असर 2027 के चुनाव में ही साफ तौर पर दिखाई देगा। गोरखपुर से शुरू हुआ यह अभियान साफ संकेत देता है कि निषाद पार्टी चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतर चुकी है। अब देखना यह होगा कि यह रणनीति और भावनात्मक अपील आने वाले समय में कितना राजनीतिक असर डालती है। UP News












