चर्चा है कि रिपोर्ट के साथ एक पेन ड्राइव भी भेजी गई है, जिसमें कई वीडियो क्लिप्स और अन्य डिजिटल सबूत संकलित हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आरोपपत्र (चार्जशीट) जारी करने की प्रक्रिया को गति दी जा सकती है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली में सस्पेंड पीसीएस अधिकारी और पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई अब तेज रफ्तार पकड़ती दिख रही है। बरेली जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की डिटेल्ड रिपोर्ट तैयार कर इसे शासन स्तर पर भेज दिया है, जिससे कार्रवाई का दायरा और सख्त होने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि रिपोर्ट के साथ एक पेन ड्राइव भी भेजी गई है, जिसमें कई वीडियो क्लिप्स और अन्य डिजिटल सबूत संकलित हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आरोपपत्र (चार्जशीट) जारी करने की प्रक्रिया को गति दी जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के बाद पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा भेजकर प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। बताया जा रहा है कि यह इस्तीफा ई-मेल के जरिए संबंधित संवैधानिक संस्थाओं तक पहुंचाया गया, जिसमें उन्होंने कुछ नीतिगत पहलुओं के साथ एक कथित घटना का भी उल्लेख किया। इसके तुरंत बाद जब इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर सामने आया, तो उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाजिक विमर्श में यह मुद्दा तेजी से चर्चा का केंद्र बन गया और मामला प्रशासनिक दायरे से निकलकर व्यापक बहस में बदलता चला गया।
अगले ही दिन यानी 27 जनवरी को कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी/प्रदर्शन की बातें सामने आईं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार उस दौरान पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई थी। अब यही वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत पेन ड्राइव के जरिए शासन को भेजे गए हैं। चर्चा है कि क्लिप्स में प्रदर्शन, नारेबाजी और सरकारी कामकाज में बाधा से जुड़े हिस्से रिकॉर्ड हैं और इन्हीं बिंदुओं पर विभागीय कार्रवाई का आधार तैयार किया जा रहा है। शासन ने 26 जनवरी को अलंकार अग्निहोत्री को पद से निलंबित किया था, मगर अब तक औपचारिक आरोपपत्र जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि जांच का जिम्मा मंडल स्तर पर दिया जाएगा। प्रशासनिक हलकों में संकेत हैं कि रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट जल्द जारी हो सकती है।
निलंबन के बाद अलंकार अग्निहोत्री को शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध (अटैच) किए जाने की बात भी सामने आई थी। सूत्रों का कहना है कि वहां उपस्थिति दर्ज न कराने का मुद्दा भी जांच में अहम माना जा रहा है। यदि यह तथ्य रिकॉर्ड पर आता है, तो विभागीय कार्रवाई में इसे भी एक बिंदु बनाया जा सकता है। अलंकार अग्निहोत्री लगातार सोशल मीडिया/मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए समर्थकों के संपर्क में बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वे वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात के बाद 7 फरवरी को दिल्ली कूच की घोषणा कर चुके हैं। उनके स्टेटस/पोस्ट में सत्ता परिवर्तन, विशेष मांगों और केंद्र सरकार पर तीखे हमलों का उल्लेख भी बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक अलंकार अग्निहोत्री ने निलंबन के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाने का मन बनाया है। हाल में वे प्रयागराज पहुंचकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के कुछ अधिवक्ताओं से सलाह-मशविरा कर चुके हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि उनकी लीगल टीम नोटिस/दस्तावेजों का अध्ययन कर रही है और आगे की रणनीति उसी के बाद तय होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। UP News