अलीगढ़ में धर्मांतरण के संदिग्ध सुराग, जनवरी से लापता 97 महिलाएं जांच के दायरे में
उत्तर प्रदेश
चेतना मंच
21 Jul 2025 09:23 AM
उत्तर प्रदेश के आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के एक और खुलासे के बाद अलीगढ़ में भी खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जांच एजेंसियों की नजर अब जिले में जनवरी 2025 से लापता हुई 97 महिलाओं के मामलों पर है। इन महिलाओं की गुमशुदगी को धर्मांतरण नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं ये महिलाएं भी जबरन या बहला-फुसलाकर धर्मांतरण का शिकार तो नहीं हुईं।
उमर गौतम के नेटवर्क से जुड़े पुराने लिंक
इस मामले की तह में जाने पर सामने आया कि पूर्व में धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग मामलों में दोषी पाए गए उमर गौतम का नेटवर्क अलीगढ़ तक फैला हुआ था। गिरफ्तारी के समय उमर की सूची में 33 महिलाओं के नाम सामने आए थे जिन्होंने 2018 में धर्मांतरण किया था। इनमें से तीन महिलाएं अलीगढ़ की थीं। वह नौकरी का लालच देकर लोगों को अपने झांसे में लेता था। गरीब बस्तियों में जाकर उसने अपनी टीम के साथ प्रचार-प्रसार भी किया था और धार्मिक किताबों का वितरण किया करता था। उसने जिन महिलाओं का धर्मांतरण कराया था, उन्हें 'शाइनिंग स्टार्स' नाम से संबोधित किया गया था।
97 महिलाएं लापता, 17 किशोरियां भी शामिल
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जनवरी 2025 से अब तक कुल 97 महिलाएं लापता हैं, जिनमें 17 किशोरियां भी शामिल हैं। अधिकतर मामलों में परिजनों ने बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। परिजन लगातार अपनी बेटियों की तलाश में पुलिस थानों के चक्कर काट रहे हैं। अब एजेंसियां इन मामलों की जांच एक नए एंगल से कर रही हैं—धर्मांतरण के संभावित संबंधों की।
आगरा की कार्रवाई के बाद बढ़ी अलीगढ़ में जांच
आगरा में धर्मांतरण गिरोह के पर्दाफाश और कार्रवाई के बाद छह राज्यों में पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। इसी क्रम में अलीगढ़ में भी पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने निगरानी तेज़ कर दी है। पूर्व में भी अलीगढ़ का नाम धर्मांतरण मामलों में सामने आता रहा है, जिससे यहां की जांच को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
कलीम सिद्दीकी और अब्दुल्ला से भी जुड़े रहे हैं तार
धर्मांतरण के मामलों में दोषी करार दिए गए कलीम सिद्दीकी का भी अलीगढ़ से संबंध रहा है। वह अपने परिचितों से मिलने यहां आता था, जिसकी जानकारी एटीएस को मिली थी। इसके अलावा, गाजियाबाद में पकड़े गए धर्मांतरण रैकेट में मुख्य आरोपी अब्दुल्ला (जो पहले सौरभ था) ने एएमयू से बीडीएस की पढ़ाई की थी और वहीं रहकर धर्मांतरण की प्रक्रिया से गुजरा था।
एटीएस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड में
अलीगढ़ में जब-जब धर्मांतरण गिरोहों का खुलासा हुआ है, यहां का नाम किसी न किसी रूप में सामने आया है। ऐसे में अब आगरा की ताज़ा कार्रवाई के बाद स्थानीय एटीएस और खुफिया एजेंसियों ने अलीगढ़ में भी निगरानी तेज़ कर दी है। हालांकि, अभी तक किसी महिला के धर्मांतरण में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है, पर जांच जारी है।
एसएसपी संजीव सुमन ने बताया कि अब तक किसी एजेंसी ने आधिकारिक रूप से संपर्क नहीं किया है और न ही कोई शिकायत दर्ज हुई है। हालांकि, ऐहतियात के तौर पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क दृष्टि बनाए हुए हैं और सभी मामलों की बारीकी से निगरानी की जा रही है।
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