क्या किसी जिंदा व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों में मृत दिखाकर उसकी पैतृक जमीन हड़पने की साजिश रची जा सकती है? उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां छक्कन नाम के बुजुर्ग ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से उन्हें सरकारी अभिलेखों में मृत दर्शाया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जमीन हड़पने के लिए एक बुजुर्ग को सरकारी दस्तावेजों में मृत दिखाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पैतृक जमीन पर कब्जा करने की नीयत से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया गया और परिवार रजिस्टर में भी उनकी मृत्यु दर्ज करा दी गई। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए उनकी जमीन अपने नाम कराने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दो नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता छक्कन पुत्र स्वर्गीय भगेलू प्रसाद ग्राम पारा, थाना जरवल रोड के निवासी हैं। उनके माता-पिता की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी। शिकायतकर्ता के नाम गांव में पैतृक मकान और गाटा संख्या 878ख में 5.590 हेक्टेयर भूमि दर्ज है। उनका कहना है कि वह लंबे समय से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं और भूमि पर उनका कब्जा भी बना हुआ है।
आरोप है कि रमेश वर्मा पुत्र देवराज और जवाहर लाल पुत्र राम ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी जमीन हड़पने की साजिश रची। इसके लिए सरकारी अभिलेखों में उन्हें मृत दर्शाने और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का प्रयास किया गया। UP News :
शिकायतकर्ता के अनुसार, आठ दिसंबर 2021 को अभिलेखों में उनकी कथित मृत्यु दर्ज कराई गई। इसके बाद 27 दिसंबर 2021 को मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी कराया गया। आरोप है कि इसी प्रमाणपत्र के आधार पर परिवार रजिस्टर में भी उनकी मृत्यु दर्ज करा दी गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल करके ग्रामीण बैंक जरवल रोड में बचत खाता खुलवाने तथा नोटरी शपथपत्र सहित दूसरे दस्तावेज तैयार कराने की कोशिश की गई। हालांकि, ग्राम पंचायत अधिकारी ऋषभ पांडे के मुताबिक, संबंधित मृत्यु प्रमाणपत्र को बाद में निरस्त कर दिया गया था। UP News :
पीड़ित के मुताबिक, एक सितंबर 2026 को वह विकासखंड रामनगर स्थित पंचायत कार्यालय गए थे। वहां से लौटते समय ब्लॉक कार्यालय से करीब 100 कदम आगे लखनऊ रोड पर दोनों नामजद आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने पहले स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री को भी प्रार्थनापत्र भेजा। वहां से भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
न्यायालय के आदेश पर थाना रामनगर पुलिस ने एक नवंबर 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 447/2026 दर्ज किया है। मामले में दो नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 352, 351(3) और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि मृत्यु प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर में कथित तौर पर की गई प्रविष्टियों के पीछे किन लोगों की भूमिका थी और जमीन हड़पने की साजिश में कौन-कौन शामिल था। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। UP News :
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