
सार
उत्तर प्रदेश की लड़कियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बेटियां बेटों से अव्वल है। यूपी में घोषित किए गए PCS J के नतीजों में 55 प्रतिशत से अधिक बेटियों ने बाजी मारी है। PCS J की परीक्षा के अंतिम परिणाम में टॉप 20 में 15 स्थान बेटियों ने अपने नाम लिखवा लिए हैं।
विस्तार
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने बुधवार की शाम PCS-J वर्ष 2022 की परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित किया है। इस परिणाम का बड़ा ही सुखद पहलू यह है कि इस परीक्षा में बेटियां बेटों से अव्वल रही हैं। 55 प्रतिशत पदों पर बेटियों का चयन हुआ है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने बताया कि न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा 2022 में इस बार 55 फीसदी पदों पर बेटियों ने परचम लहराया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने बुधवार शाम PCS-J परीक्षा का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया। कानपुर की निशि गुप्ता ने मेरिट में पहला स्थान हासिल किया, जबकि नैनी-प्रयागराज के शिशिर यादव और नई हवेली-कासगंज की रश्मि सिंह तीसरे स्थान पर हैं।
Read Also - Noida News : सितंबर में अधिक चक्कर लगाएगी नोएडा मेट्रो ट्रेनशीर्ष 10 में छह और शीर्ष 20 चयनितों में 15 बेटियां हैं। पीसीएस-जे के कुल 302 पदों पर चयन हुआ है। एक पद का परिणाम सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में पारित अंतरिम आदेश के आलोक में घोषित नहीं किया गया। पीसीएस-जे के 303 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा 12 फरवरी को हुई थी, जिसमें 50,837 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 16 मार्च को प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में 3,145 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया। मुख्य परीक्षा में 3019 अभ्यर्थी शामिल हुए। एक अगस्त को घोषित मुख्य परीक्षा के परिणाम में 959 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए सफल घोषित किया गया। इंटरव्यू 16 से 28 अगस्त तक हुए थे।
पीसीएस-जे की मेरिट में शीर्ष पांच में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी शामिल हैं। पहले स्थान पर रहीं कानपुर की निशि गुप्ता, दूसरे स्थान पर रहे प्रयागराज के शिशिर यादव, तीसरे स्थान पर रहीं कासगंज की रश्मि सिंह अन्य पिछड़ा वर्ग, चौथे स्थान पर रहे जौनपुर के स्नेहिल कुंवर सिंह अनुसूचित जाति वर्ग और पांचवें स्थान पर रहीं सुल्तानपुर की जानवी वर्मा अन्य पिछड़ा वर्ग की हैं।
आयोग ने इंटरव्यू खत्म होने के 48 घंटे में परिणाम जारी कर नया रिकार्ड बनाया है। आयोग ने भर्ती प्रक्रिया भी नौ माह के भीतर पूरी कर ली, जो भी एक रिकॉर्ड है। पीसीएस-जे परीक्षा में पहली बार प्रदेश के 60 जिलों के अभ्यर्थियों को प्रतिनिधित्व मिला है। PCS J