21 मामलों का हिस्ट्रीशीटर… कौन था बनारसी यादव, जिसे पुलिस ने मार गिराया?
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र में बारियासनपुर रिंग रोड के पास उसकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। टीम ने इलाके को चारों ओर से घेरकर उसे सरेंडर का अवसर दिया, लेकिन उसने हथियार डालने की बजाय फायरिंग शुरू कर दी।

UP News : उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ तेज हुई कार्रवाई के बीच वाराणसी से बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस और उत्तर प्रदेश STF की संयुक्त टीम ने कुख्यात शूटर बनारसी यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र में बारियासनपुर रिंग रोड के पास उसकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। टीम ने इलाके को चारों ओर से घेरकर उसे सरेंडर का अवसर दिया, लेकिन उसने हथियार डालने की बजाय फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हुआ और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनकाउंटर के बाद मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज/तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और किस नेटवर्क के लिए काम कर रहा था।
महेंद्र गौतम हत्याकांड में सामने आया था सामने नाम
बनारसी यादव का नाम 21 अगस्त 2025 को हुए चर्चित हत्याकांड में प्रमुख रूप से उभरा था। उस दिन सारनाथ क्षेत्र के अरिहंत नगर कॉलोनी (फेज-2) में बाइक सवार बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे जमीन/प्रॉपर्टी विवाद की आशंका थी और कथित तौर पर करीब 40 बिस्वा जमीन को लेकर तनाव चल रहा था, जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई गई।
21 मुकदमों वाला हिस्ट्रीशीटर था बनारसी यादव
जांच में यह भी सामने आया कि इस सनसनीखेज वारदात के पीछे करीब 5 लाख रुपये की सुपारी का खेल था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना के वक्त अरविंद यादव उर्फ फौजी (कल्लू) और विशाल की मौजूदगी का भी उल्लेख है। बताया जा रहा है कि बाइक की कमान विशाल के हाथ में थी, जबकि ट्रिगर दबाने वालों में बनारसी यादव और अरविंद के नाम सामने आए। वारदात के बाद से बनारसी उत्तर प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले तक ठिकाने बदलता रहा। पुलिस के अनुसार, बनारसी के खिलाफ वाराणसी समेत अलग-अलग जिलों में हत्या, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 21 मुकदमे दर्ज थे। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ तेज हुई कार्रवाई के बीच वाराणसी से बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस और उत्तर प्रदेश STF की संयुक्त टीम ने कुख्यात शूटर बनारसी यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र में बारियासनपुर रिंग रोड के पास उसकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। टीम ने इलाके को चारों ओर से घेरकर उसे सरेंडर का अवसर दिया, लेकिन उसने हथियार डालने की बजाय फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हुआ और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनकाउंटर के बाद मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज/तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और किस नेटवर्क के लिए काम कर रहा था।
महेंद्र गौतम हत्याकांड में सामने आया था सामने नाम
बनारसी यादव का नाम 21 अगस्त 2025 को हुए चर्चित हत्याकांड में प्रमुख रूप से उभरा था। उस दिन सारनाथ क्षेत्र के अरिहंत नगर कॉलोनी (फेज-2) में बाइक सवार बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे जमीन/प्रॉपर्टी विवाद की आशंका थी और कथित तौर पर करीब 40 बिस्वा जमीन को लेकर तनाव चल रहा था, जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई गई।
21 मुकदमों वाला हिस्ट्रीशीटर था बनारसी यादव
जांच में यह भी सामने आया कि इस सनसनीखेज वारदात के पीछे करीब 5 लाख रुपये की सुपारी का खेल था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना के वक्त अरविंद यादव उर्फ फौजी (कल्लू) और विशाल की मौजूदगी का भी उल्लेख है। बताया जा रहा है कि बाइक की कमान विशाल के हाथ में थी, जबकि ट्रिगर दबाने वालों में बनारसी यादव और अरविंद के नाम सामने आए। वारदात के बाद से बनारसी उत्तर प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले तक ठिकाने बदलता रहा। पुलिस के अनुसार, बनारसी के खिलाफ वाराणसी समेत अलग-अलग जिलों में हत्या, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 21 मुकदमे दर्ज थे। UP News












